19 अप्रैल 2018 को है विनायक चतुर्थी,जानिए कथा एवं इतिहास

 vinayaka chaturthi ki katha



धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है जो पूर्णतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। vinayak chaturdashi 2017

अतः वर्ष की हर माह में स्कूल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। तदानुसार, फाल्गुन माह में 19 अप्रैल 2018को विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी। इस दिन भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। vinayak chaturdashi 2017

विनायक चतुर्थी की कथा

शिव रहस्य पुराण के अनुसार भगवन गणेश जी, शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान शिव जी एवं माता पार्वती के पुत्र रूप में प्रकट हुए थे। शिव पुराण में कहा गया है, देवी गिरिजा ने भगवान को पुत्र रूप में प्राप्त करने के लिए 12 वर्षो तक कठिन तपस्या, व्रत एवं साधना किया। जिसके फलस्वरूप शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के दिन मध्यान में स्वर्ण कांति से युक्त भगवान गणेश जी प्रकट हुए थे। अतः ब्रह्मा जी ने चतुर्दशी व्रत को अतिश्रेष्ठ व्रत बताया है। vinayak chaturdashi 2017

विनायक चतुर्थी पूजन विधि

वर्ष के प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन संध्याकाल में स्नान आदि से निवृत्त होकर गणेश जी की पुष्प, अक्षत, शुद्ध जल, पंचामृत, धुव से पूजा आराधना करना चाहिए। vinayaka chaturthi ki katha

शाकम्भरी जयंती की कथा एवं इतिहास

आरती तथा पुष्पांजलि अर्पित कर प्रदक्षिणा करना चाहिए। पूजा समाप्ति के समय भगवान विघ्नहर्ता से सुख और मंगल की कामना करे। भगवान गणेश भक्तो की सारी मनोकामना पूर्ण करते है। इस दिन संध्याकाल में चन्द्र दर्शन करने के पश्चात भोजन ग्रहण करे। इस तरह विनायक चतुर्थी की कथा सम्पन्न हुयी। भक्त गण प्रेम से बोलिए गणपति बप्पा मोरया। vinayak chaturdashi 2017
( प्रवीण कुमार )

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