8 सितंबर 2020 को मासिक कार्तिगाई, जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास

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तमिल पंचांग के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में मासिक कार्तिगाई मनाया जाता है। तदनुसार, सितंबर माह में 8 सितंबर 2020 को मासिक कार्तिगाई मनाया जाएगा। कार्तिगाई दीपम पर्व को दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में हिन्दू धर्म के लोग मनाते है। devotional Masik Karthigai story

यह पर्व दक्षिण भारत में मनाये जाने वाले पर्वों में सबसे पुराना पर्व है। कार्तिगाई दीपम वर्ष के प्रत्येक माह में मनाया जाता है। अतः इसे मासिक कार्तिगाई दीपम भी कहा जाता है।

मासिक कार्तिगाई दीपम के अवसर पर लोग शाम में घरो और आस-पास के जगहों पर तिल के तेल या घी के दीपक एक कतार बद्ध पंक्ति में जलाते है। कार्तिगाई दीपम का नाम कृत्तिका नक्षत्र के नाम पर रखा गया है क्योकि जिस दिन कृत्तिका नक्षत्र अति प्रबल होता है उसी दिन कार्तिगाई दीपम मनाया जाता है। devotional Masik Karthigai story

संकष्टी चतुर्दशी की कथा एवं इतिहास

भगवान शिव के सम्मान में कार्तिगाई दीपम का पर्व दक्षिण भारत में मनाया जाता है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथो के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने भगवान विष्णु और ब्रह्मा के समक्ष अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने के लिए स्वंय को प्रकाश की ज्योत में बदल लिया था

हालांकि, मासिक कार्तिगाई दीपम वर्ष के प्रत्येक माह में मनाया जाता है लेकिन मुख्य कार्तिगाई दीपम पर्व कार्तिक माह में पड़ता है। तमिल पंचांग द्रिक, साल के सभी माह में कृत्तिका नक्षत्र के प्रबलता को सूचीबद्ध करता है।

मासिक कार्तिगाई दीपम वर्ष के प्रत्येक माह में मनाया जाता है

तिरुवन्नामलई की पहाड़ी में कार्तिगाई दीपम का पर्व बहुत प्रसिद्ध है इस दिन पहाड़ी पर विशाल दीपक जलाया जाता है जो दूर तक दिखाई देता है इस दीपक को भक्त गण महादीपम् कहते है। इस दिन तिरुवन्नामलई की पहाड़ी पर बड़े तादात में भक्तगण आते है और भगवान शिव जी की पूजा कर उनसे सुख और शांति की प्रार्थना करते है। भगवान शिवजी की कृपा से व्रती की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इस प्रकार मासिक कार्तिगाई की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए भगवान शिव जी की जय। devotional Masik Karthigai story