26 अप्रैल 2020 को है मातंगी जयंती, जानिए कथा एवं इतिहास

पौराणिक शास्त्रों के अनुसार वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया को देवी मातंगी जयंती मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष रविवार 26 अप्रैल 2020 को मातंगी जयंती मनाई जाएगी। इस पावन अवसर पर देवी मातंगी की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार जो कोई देवी मातंगी की पूजा विधि- विधान पूर्वक करता है वो सर्व-सिद्धियों के लाभ को प्राप्त करता है। देवी मातंगी नवी महाविद्या है जो विद्या तथा संगीत की अधिष्ठात्री देवी कही जाती है। देवी मातंगी की कृपा से दाम्पत्य परिवार के जीवन में सुख तथा समृद्धि का संचार होता है। इनके नाम मात्र का स्मरण करने से घर में सुख शांति और वैभव की प्राप्ति होती है। matangi jayanti history

माँ मातंगी स्वरूप

माँ मातंगी ने राक्षसो का नाश करने के लिए विशिष्ट तेजस्वी स्वरूप को धारण किया। माँ मातंगी लाल वस्त्र वस्त्र, सिंह की सवारी, लाल माला, लाल पादुका, शंख, धनुष बाण, पाश, कतार, छत्र, त्रिशूल, अक्षमाला, आदि धारण करती है। matangi jayanti history

मातंगी जयंती महत्व

माँ मातंगी जयंती के दिन मंदिरो में माता की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन कन्याओ को भी पूजा जाता है। मंदिरो में भजन कीर्तन का आयोजन किया जाता है तथा भक्त लोग माता का उद्घोष करते है। माँ मातंगी सिद्धि पूर्ण करने वाली देवी है। गुप्त नवरात्रि में इनकी विशेष पूजा की जाती है। अतः जो व्रती माँ मातंगी की पूजा करता है उसकी प्रत्येक सिद्धि अवश्य पूर्ण होती है। माँ की कृपा से व्रती के पारिवारिक जीवन में सुख, शांति और मंगल का आगमन होता है।




माँ मातंगी की पूजन विधि matangi jayanti history

इस दिन प्रातः काल उठे, स्नान-ध्यान से निवृत होकर नया वस्त्र ग्रहण करे। तत्पश्चात हाथ में लाल फूल, और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प ले। पूजा घर को गंगा जल से शुद्ध कर ले। एक चौकी पर माँ मातंगी की प्रतिमूर्ति अथवा उनके चित्र को स्थापित करे। माँ मातंगी की पूजा लाल पुष्प, लाल अक्षत तथा लाल फल, धुप, दीप, अगरबत्ती आदि से करे।

जानिए डॉ. भीमराव आंबेडकर की जीवनी

माँ मातंगी के समक्ष अपनी मनोकामना को किसी कागज में लिख कर उस चौकी पर रख दे। आरती-अर्चना करने के पश्चात माँ से परिवार के मंगल की कामना करे। व्रत के दिन निराहार रहे। रात्रि में पूजा-आरती के पश्चात फलाहार करे। माँ की कृपा से व्रती के समस्त सिद्धि पूर्ण होती है। इस प्रकार माँ मातंगी जयंती की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए माँ मातंगी की जय। matangi jayanti history