8 फरवरी 2018 को है जानकी जयंती,जानिए कथा एवं इतिहास

devotional janaki jayanti history




फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की नवमी को जानकी जयंती मनाया जाता है। तदनुसार, गुरुवार 8 फरवरी 2018  को सीता माँ की जयंती सम्पूर्ण भारत में उत्साह तथा श्रद्धा से मनाई जाएगी। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार इस दिन सीता माँ का जन्म हुआ था। अतः इस दिन यह पर्व मनाया जाता है। माता सीता शक्ति, इच्छा-शक्ति, ज्ञान-शक्ति तीनो रूपों में प्रकट होती है। devotional janaki jayanti history 



सीता जयंती संदर्भ

सीता माँ का चरित्र सभी के लिए पथ-प्रदर्शक है तथा आज भी प्रासंगिक है। सीता उपनिषद में सीता माँ की महिमा एवम उनके स्वरूप को व्यक्त किया गया है। सीता माँ को प्रकृति का स्वरूप माना गया है। देवी सीता माँ को भगवान श्री राम का साथ प्राप्त हुआ है। जोकि भगवान विष्णु के अवतार है। जिस कारण सीता माँ विश्वकल्याणकारी है। devotional janaki jayanti history 

शबरी जयंती की कथा एवं इतिहास

ऋग्वेद में एक स्तुति के अनुसार सीता माँ का आह्वान किया गया है की हे सीता माँ, असुरो का नाश करने वाली सीता माँ आप मेरा कल्याण करो। रामचरित मानस में तुलसीदास ने सीता माँ को संसार की उत्पत्ति, पालन तथा संहार करने वाली कहकर पुकारा है । सीता माँ ने पुत्री, पत्नी तथा माँ के रूप में समस्त जगत में आदर्श प्रस्तुत किया है। devotional janaki jayanti history 

सीता जयंती पूजन विधि

सीता जयंती के उपलक्ष्य पर भक्त गण माँ की उपासना करते है। सीता जयंती के दिन सीता माँ की विधि-विधान एवम श्रद्धा पूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। सीता जयंती के दिन व्रत के करने से सौभाग्य तथा सुख, संतान की प्राप्ति होती है। सीता माँ श्री विष्णु रूप प्रभु राम जी की पत्नी है अतः सीता माँ लक्ष्मी का ही अंतः रूप है। अतः इस व्रत को करने से धन और वैभव की प्राप्ति होती है। सीता माँ का जन्म धरा से हुआ है। इसलिए सीता माँ अन्नपूर्णा भी कहलाती है। इस तरह सीता जयंती की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए सीता मैया की जय। devotional janaki jayanti history 

( प्रवीण कुमार )

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