15 फरवरी 2018 को है कोफाल्गुन अमावस्या,जानिए कथा एवं इतिहास

devotional phalguna amavasya story




फाल्गुन अमावस्या धार्मिक मान्यताओ के अनुसार योग पर आधारित व्रत है और इस दिन पवित्र नदियों और संगमो में देवताओ का निवास होता है। अतः इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती स्नान का अति विशेष महत्व है। फाल्गुन अमावस्या के दिन भक्त गण पवित्र नदियों और सरोवर में आस्था की डुबकी लगाते है। इस वर्ष गुरुवार 15 फरवरी 2018 को फाल्गुन अमावस्या मनाई जाएगी।  devotional phalguna amavasya story 

फाल्गुन अमावस्या की कथा

एक बार देवत्व काल के समय में सागर मंथन से भगवान विष्णु अमृत कलश लेकर प्रकट हुए तथा इस अमृत कलश के लिए देव और असुर गण में खींचा तानी शुरू हो गयी। देवता लोग अमृत को प्राप्त करना चाहते थे तो वही दूसरी ओर असुर गण इसे प्राप्त करने में लग गया। devotional phalguna amavasya story 



नभ में यह खींचा-तानी होने लगा तथा खींचा-तानी के क्रम में अमृत की कुछ बुँदे छलक कर गंगा-यमुना के संगम में आ गिरा। जिससे यह संगम अति पवित्र हो गया। आदिकाल में गंगा-यमुना के संगम स्थान पर स्नान करने से अमृत स्नान का पुण्य प्राप्त होता है। devotional phalguna amavasya story 

फाल्गुन अमावस्या का महत्व

यदि फाल्गुन अमावस्या सोमवार को पड़े तथा इस दिन महाकुम्भ स्नान का भी योग बने तो इसका महत्व अनंत गुना फलदायी होता है। शास्त्रो में कहा गया है की सत युग में तप से पुण्य का फल मिलता है, त्रेता में ज्ञान से पुण्य मिलता है, जबकि द्वापर में हरि भक्ति तथा कलियुग में दान से पुण्य की प्राप्ति होती है। अतः कलियुग में माघ, वैसाख और कार्तिक स्नान का विशेष महत्व है। devotional phalguna amavasya story 

फाल्गुन अमावस्या पूजा विधि और फल

फाल्गुन अमावस्या योग पर आधारित पर्व है। वेदो, पुराणो और शास्त्रानुसार होठो से भगवान का उच्चारण करने से जो यश की प्राप्ति होती है उससे लाख गुना यश और पुण्य की प्राप्ति भगवान को मन के मनके से जपने से मिलता है। इस दिन भगवान शिव तथा विष्णु जी की पूजा की जाती है। अतः व्रती को पवित्र नदियों और सरोवरो में स्नान कर सूर्य देव तथा पीपल वृक्ष में जलाभिषेक और पूजन करें। पूजन समाप्ति के पश्चात ब्राह्मणो, और गरीबो को दान दे। devotional phalguna amavasya story 

विजया एकादशी की कथा एवं इतिहास

जिन व्रती के लिए दिन भर उपवास करना संभव ना हो उन्हें दिन में मीठा भोजन ग्रहण करना चाहिए। भगवान श्री हरि विष्णु और महादेव की कृपा से व्रती के जीवन में सुख और वैभव की प्राप्ति होती है। इस तरह फाल्गुन अमावस्या की महत्व तथा कथा सम्पन्न हुई। व्रती जन प्रेम से बोलिए भगवान शिव और विष्णु जी की जय।  devotional phalguna amavasya story 
( प्रवीण कुमार )

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