17 जुलाई 2019 को चंद्र ग्रहण पड़ेगा,जानिए कथा एवं महत्व




devotional chandra grahan history

हिंदी द्रिक पंचांग के अनुसार वर्ष 2019 के पौष माह में चन्द्र ग्रहण का सयोंग बन रहा है। तदनुसार, 17 जुलाई 2019 को चन्द्र ग्रहण पड़ेगा। भौतिक विज्ञान के अनुसार जब पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच में सूर्य आ जाता है तो सूर्य की ज्योति के कारण चन्द्र अदृश्य हो जाता है। इसी घटना को चन्द्र ग्रहण कहा जाता है। यह घटना पूर्णिमा को घटित होती है।

आंशिक चन्द्र ग्रहण उस समय घटित होती है

सम्पूर्ण चन्द्र ग्रहण उस समय घटित होती है जब सूर्य पृथ्वी के अत्यधिक समीप रहते हुए पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच में आ जाता है। इस स्थिति में सूर्य अपनी छाया से चन्द्रमा को ढक देती है। जिससे चन्द्रमा अदृश्य हो जाता है। इस प्रकार का ग्रहण चन्द्र ग्रहण कहलाता है।आंशिक चन्द्र ग्रहण उस समय घटित होती है जब सूर्य पृथ्वी और चंदमा के बीच में आ जाए तो इस घटना को आंशिक चन्द्र ग्रहण कहते है।

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चन्द्र ग्रहण की कथा वेदो,पुराणो तथा शास्त्रो में सूर्य ग्रहण एवम चन्द्र ग्रहण का कारण राहु-केतु को बताया गया है। पौराणिक कथा के अनुसार दैविक काल में जब देवताओ को अमृत पान तथा दैत्यों को वारुणी पान कराया जा रहा था तब इस बात की खबर दैत्य राहु को हुआ। दैत्य राहु छुपकर देवता की पंक्ति में जाकर बैठ गया परन्तु अमृत पान के पश्चात इस बात को सूर्य एवम चन्द्र ने उजागर कर दिया। दैत्य के इस कार्य के लिए भगवान विष्णु अति क्रोधित हो गए और उन्होंने तत्काल ही अपने सुदर्शन चक्र से दैत्य राहु का सर धड़ से अलग कर दिया। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythlogy.org

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