पाण्डवला मंदिर गुडगाँव का इतिहास history-of-pandvala-temple-gurgaon

pandwala-mandir-gurgaon-wallpaperहरियाणा प्रान्त दिल्ली एन.सी.आर में पड़ने वाला गुडगाँव कभी गुरु ग्राम के नाम से जाना जाता था। द्वापर काल मे कुरु वंश के गुरु द्रोणाचर्य यही रहकर पांडवों और कौरवों को शिक्षा देने का काम करते थे। शैव होने के कारण दोणाचर्य शिव के परम भक्त थे।
कहते हैं – आज जहाँ यह पंडवाला मंदिर है वहां भीष्म पितामह ने कुलगुरु द्रोणाचर्य के लिए एक बगीचा लगवाया जिसे बगीची कहते हैं। बाद में यहाँ एक शिवलिंग की स्थापना गुरु द्रोणाचार्य ने करके उसकी पूजार्चना शुरू कर दी। कालांतर में इसके जीर्णोद्धार अवश्य हुए लेकिन इसकी महत्ता आसपास के क्षेत्र में पहले से चली आ रही है।

 

बीच बीच में कई संत महात्मा यहाँ आए। इनमे १९६० में आए बाबा प्रकाश पूरी सर्व श्रेष्ठ हुए। बाबा ने इस शिव लिंग की पूजा आराधना से जीते जी देव तुल्य हो गए। बाबा की प्रसिद्धि दिन प्रतिदिन बढ़ती गई। इसका प्रतिफल बाबा लोगों को इस शिव लिंग की कृपा बताया करते थे।
यहाँ पंडवाला महादेव के सामने एक विशाल नंदी यानी बसहा का निर्माण कराया गया। जो की बड़ा ही दर्शनीय है। मंदिर में वर्ष भर कोई न कोई धार्मिक आयोजन यहाँ होते रहते हैं। यहाँ भक्त भारी संख्या में पहुंचकर पाण्डवाला महादेव की पूजा अर्चना करते हैं।

खास करके शिव रात्रि ,सावन एवं बाबा प्रकाश पूरी के पुण्य तिथि पर यहाँ बहुत अधिक भीड़ लगती है। यहाँ होली के अवसर पर फूलों की होली खेली जाती है। बीच बीच में कई संत महात्मा यहाँ आए। इनमे १९६० में आए बाबा प्रकाश पूरी सर्व श्रेष्ठ हुए।
बाबा ने इस शिवलिंग की पूजा आराधना से जीते जी देव तुल्य हो गए। बाबा की प्रसिद्धि दिन प्रतिदिन बढ़ती गई। इसका प्रतिफल बाबा लोगों को इस शिव लिंग की कृपा बताया करते थे। अब यहां बाबा प्रकाश पूरी जी महाराज की एक अष्ट धातु की एक भव्य प्रतिमा यहाँ एक शानदार मंदिर बनाकर लगाया गया है। इसमें एक सत्संग हॉल भी है। जहाँ बैठ कर भक्त भजन कीर्तन आदि करते हैं। पाण्डवला महादेव के साथ ही विशाल हॉल है जहाँ पूजा के बाद भक्त गण ध्यान आदि लगाते हैं। इस मंदिर में एक संत कुतिया भी बना हुआ है ,जिसमे सौ पचास संत हमेशा उपस्थित रहते हैं। मंदिर के आगे एक विशाल तालाब था जिसका जीर्णोद्धार करवाया गया है। गुडगाँव स्टेशन के पास दौलताबाद रोड पर अवस्थित है।
यह मंदिर अपनी हरियाली ,खूबसूरती के साथ प्राचीनता का प्रमाण लिए आने जाने वाले लोगों को अपने आप अपनी ओर आकर्षित करती है। इस समय इस मंदिर के महंत बाबा रवि पूरी जी महाराज हैं ,इनका एवं यहाँ आने वाले भक्तों का कहना है की जो भी श्रद्धा भक्ति के साथ बाबा के दरवार में आते हैं उनकी मुरादें अवश्य पूरी होती है। पाण्डवला मंदिर गुडगाँव का इतिहास history-of-pandvala-temple-gurgaon

 

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