10 अप्रैल 2018 को है चैत्र पूर्णिमा,जानिए इसका महत्व एवम इतिहास

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हिन्दु धर्म के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। तदनुसारसोमवार 10 अप्रैल  2018 को चैत्र पूर्णिमा मनाया जाएगा। चैत्र माह की पूर्णिमा का व्रत करना बेहद शुभ माना जाता है। इस व्रत को करने से चन्द्र देव की कृपा सदा बनी रहती है। devotional chaitra purnima history 




चैत्र पूर्णिमा का महत्व devotional chaitra purnima history 

चैत्र पूर्णिमा के दिन भक्तगण पवित्र नदियों एवम सरोवरों में डुबकी लगाते है। डुबकी लगाने के पश्चात पूजा-पाठ करते है। इस दिन भक्त मंडली गंगा एवम पवित्र नदियों में आरती का विशेष आयोजन करते है। पुराणों के अनुसार चैत्र पूर्णिमा में तुलसी-स्नान का प्रावधान है अर्थात इस दिन जल में तुलसी पत्ता डालकर स्नान करना चाहिए। स्नान के समय ॐ नमो नारायण मन्त्र का उच्चारण करना चाहिए। पूर्णिमा एवम अमावश्या के दिन दान-पुण्य का उल्लेख है। इस दिन अपने सामर्थ्य अनुसार दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। devotional chaitra purnima history 

चैत्र पूर्णिमा पूजन devotional chaitra purnima history 

चैत्र पूर्णिमा के दिन व्रत करत हुए भगवान श्री सतनारायण जी की पूजा-अर्चना तथा उनकी कथा की जाती है। जो परम फलदायी है। इस दिन पूजा धुप, दीप, अगरबत्ती आदि से भगवान विष्णु जी की पूजा करें एवम प्रसाद के रूप में चूरमा का भोग लगाया जाता है।

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पूजा समाप्ति के पश्चात लोगो में प्रसाद वितरित करे। इस दिन सामर्थ्य अनुसार दान करना चाहिए। भगवान विष्णु जी की कृपा से व्रती के सारे संकट दूर हो जाते है। इस तरह चैत्र पूर्णिमा की महिमा एवम पूजा विधि सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए भगवान विष्णु जी की जय। devotional chaitra purnima history 
( प्रवीण कुमार )

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