14 मई 2017 को है संकष्टी चतुर्दशी,जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास

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रविवार 14 मई 2017 को संकष्टी चतुर्दशी मनाया जाएगा। धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। devotional ganesh chaturthi story 

सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है जो पूर्णतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। अतः वर्ष की हर माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है जिसमे भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। devotional ganesh chaturthi story 

संकष्टी चतुर्दशी की कथा devotional ganesh chaturthi story 

शिव रहस्य पुराण के अनुसार भगवन गणेश जी शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शिव जी एवं माता पार्वती के पुत्र रूप में प्रकट हुए थे। शिव पुराण में कहा गया है कि देवी गिरिजा ने भगवान को पुत्र रूप में प्राप्त करने के लिए 12 वर्षो तक कठिन तपस्या, व्रत एवं साधना किया जिसके फलस्वरूप शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के दिन मध्यान में स्वर्ण कांति से युक्त भगवान गणेश जी प्रकट हुए थे।  अतः ब्रह्मा जी ने चतुर्दशी व्रत को अतिश्रेष्ठ व्रत बताया है। devotional ganesh chaturthi story 

संकष्ट चतुर्दशी पूजन विधि। devotional ganesh chaturthi story 

वर्ष के प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को संकष्ट चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन संध्याकाल में स्नान आदि से निवृत्त होकर गणेश जी की पुष्प, अक्षत, शुद्ध जल, पंचामृत, धुव से पूजा आराधना करना चाहिए। आरती तथा पुष्पांजलि अर्पित कर प्रदक्षिणा करना चाहिए। devotional ganesh chaturthi story 

मासिक दुर्गाष्ठमी की कथा एवम इतिहास

पूजा समाप्ति के समय भगवान विघ्नहर्ता से सुख और मंगल की कामना करे। भगवान गणेश भक्तो की सारी मनोकामना पूर्ण करते है। इस दिन संध्याकाल में चन्द्र दर्शन करने के पश्चात भोजन ग्रहण करे। इस तरह संकष्टी चतुर्दशी की कथा सम्पन्न हुई । भक्त गण प्रेम से बोलिए गणपति बप्पा मोरया। devotional ganesh chaturthi story 

( प्रवीण कुमार )

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