23 जून 2018 को है गायत्री जयन्ती, जानिए कथा एवम इतिहास

 know-history-and-story-of-gayatri-jayanti





हिन्दू धर्म शास्त्र के अनुसार ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की दशमी को गायत्री जयंती मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष सोमवार 23 जून 2018 को गायत्री जयंती मनाई जाएगी। माँ गायत्री को भारतीय संस्कृति की जननी कहा जाता है। हिन्दू धर्म में माँ गायत्री को सम्पूर्ण वेदो की माता कहा जाता है। इस दिन पुरे देश में गायत्री जयंती का उत्स्व मनाया जाता है। devotional gayatri jayanti story  

धार्मिक मान्यताएँ devotional gayatri jayanti story  

धर्म ग्रंथो में वर्णित है कि माँ गायत्री की उपासना करने वाले साधक की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है एवम साधक को कभी किसी वस्तु की कमी नही होती है। गायत्री मन्त्र के जाप से प्राण, प्रजा, कीर्ति, धन, पशु, आदि का प्रतिफल प्राप्त होता है। devotional gayatri jayanti story 

जो मनुष्य माँ गायत्री की विधि पूर्वक पूजा करता है उसके चारो ओर रक्षा कवच का निर्माण माँ गायत्री स्वंय करती है जिससे विप्पति के समय रक्षा होती है। योग पद्धति में माँ गायत्री मंत्र का उच्चारण किया जाता है। devotional gayatri jayanti story

गीता में भगवान कृष्ण जी ने योगरूढ़ पद्धति में इस बात का उल्लेख किया है कि मनुष्य को गायत्री तथा ॐ मन्त्र का उच्चारण करना चाहिए। वेदो एवम पुराणो के अनुसार माँ गायत्री पंचमुखी है। तात्पर्य है, यह समस्त लोक जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी तथा आकाश के पांच तत्वों से बना है। devotional gayatri jayanti story 

 समस्त जीव के भीतर माँ गायत्री प्राण रूप में विद्यमान है। जिस कारण माँ गायत्री क सभी शक्तियों का आधार रूप मानी गई है। भारतीय संस्कृति का पालन करने वाले को प्रतिदिन माँ गायत्री उपासना का जाप करना चाहिए। devotional gayatri jayanti story 




गायत्री महामंत्र और उसका अर्थ devotional gayatri jayanti story

ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्
हे ईश्वर मेरे प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुख स्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देव स्वरूप, परमात्मा हम आपको अंतरात्मा में धारण करते है। आप हमारी बल, बुद्धि, विद्या को सन्मार्ग पर प्रेरित करे। devotional gayatri jayanti story

गायत्री मन्त्र जाप का महत्व devotional gayatri jayanti story

माँ गायत्री को वेदमाता कहा गया है। सर्वप्रथम इस मंत्र और माँ गायत्री देवी का वर्णन विश्वामित्र ने किया था। विश्वामित्र ने ऋग्देव में इस मन्त्र को लिखा है। यह मन्त्र माँ गायत्री को समर्पित है जो वेदो की माता है। devotional gayatri jayanti story 

अमरनाथ यात्रा की कथा एवं इतिहास Devotional History in hindi

इस मन्त्र से आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है। धार्मिक ग्रंथो में इसे आध्यात्मिक चेतना का स्त्रोत भी माना गया है। माँ गायत्री की महिमा चारो वेद में निहित है। ऐसी मान्यता है कि जो फल ऋग्वेद, यजुर्वेद तथा सामवेद के अध्ययन से प्राप्त होता है। गायत्री मन्त्र के जाप से एक समान फल प्राप्त होता है।  गायत्री जयन्ती की कथा एवम इतिहास know-history-and-story-of-gayatri-jayanti गायत्री जयन्ती की कथा एवम इतिहास know-history-and-story-of-gayatri-jayanti 

गायत्री जयंती पूजन devotional gayatri jayanti story  

इस दिन प्रातः काल उठे, स्नान-ध्यान से निवृत होकर माँ गायत्री के निम्मित व्रत एवम पूजा का संकल्प लें। माँ गायत्री की प्रतिमा अथवा चित्र को स्थापित कर उनकी विधि-विधान पूर्वक पूजा करना चाहिए। माँ गायत्री पंचमुखी है जो मनुष्य के अंतरात्मा में निहित है।

अतः माँ की पूजा प्राण स्वरूप में करें। माँ गायत्री की कृपा से व्रती के जीवन की समस्त विघ्न दूर हो जाती है। इस प्रकार माँ गायत्री की कथा तथा महत्व सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए माँ गायत्री की जय। devotional gayatri jayanti story 
( प्रवीण कुमार )

loading…


You may also like...