हनुमान जयन्ती की कथा एवं इतिहास

devotional hanuman jayanti history


हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र माह की पूर्णिमा के दिन प्रभु राम भक्त हनुमान जी ने माता अंजनी के गर्भ से जन्म लिया था। इसी के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष के चैत्र माह की पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है। तदनुसार,कार्तिक माह में हनुमान जयन्ती कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी शुक्रवार 28 अक्टूबर 2016 को मनाई जाएगी। devotional hanuman jayanti story

धनतेरस की कथा एवं इतिहास

हिन्दू धर्म में प्रत्येक देवता की एक जन्मतिथि है परन्तु हनुमान जी की दो जन्मतिथि मनाई जाती है। कुछ लोग चैत माह की पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाते है तो कुछ लोग कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को हनुमान जयंती मनाते है। वेदो, पुराणो तथा शास्त्रो के अनुसार चैत्र माह की पूर्णिमा को हनुमान जनमोत्स्व मनाया जाता है तथा कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को विजय अभिनंदन महोत्सव मनाया जाता है। devotional hanuman jayanti story

हनुमान जन्म कथा devotional hanuman jayanti story

राम भक्त हनुमान जी भगवान हनुमान माता अंजनी और वानर राज केसरी के पुत्र हैं। एक बार जब हनुमान जी को बड़ी तीव्र वेग से भूख लगी तब हनुमान जी लाल सूर्य को फल समझ कर उनके पास जा पहुंचे। जैसे ही हनुमान जी ने भगवान सूर्य को निगलना चाहा तभी स्वर्ग के स्वामी ने अपने वज्र से उनके मुख पर प्रहार कर दिया। इस प्रहार के कारण हनुमान जी टोडी टेढ़ी हो गई । इसीलिए माता अंजनी के पुत्र का नाम हनुमान पड़ा। devotional hanuman jayanti story

हनुमान जी की पूजा विधि devotional hanuman jayanti story

हनुमान जयंती के दिन प्रातः काल जल्दी उठें। स्नान-ध्यान से पवित्र हो, हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। हनुमान जी की पूजा चन्दन, केसरी, लाल वस्त्र, सिंदूर, फल, फूल, दीप, अगरबत्ती, दूर्वा आदि से करना चाहिए। प्रसाद के रूप में लड्डू का भोग लगाना चाहिए। इस दिन ब्रह्मचर्य नियम का पालन करना चाहिए। हनुमान जी की पूजा करने के पश्चात उनसे बल, बुद्धि, विद्या तथा शक्ति की कामना करना चाहिए। devotional hanuman jayanti story

हनुमान जयंती का महत्व devotional hanuman jayanti story

हनुमान जयंती के दिन व्रती हनुमान जी की विशेष पूजा-आराधना करते है। हनुमान मंदिरो में रामभक्तो द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ तथा विशेष आरती का आयोजन किए जाते है। हनुमान जी को गुरु माना गया है। जोकि भगवान शिव जी के 11 वॉ रूप है। विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करने से राम भक्त हनुमान जी प्रसन्न होते है और व्रती को मनोवांछित फल देते है। इस तरह हनुमान जयंती की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए राम भक्त हनुमान जी की जय। devotional hanuman jayanti story

(प्रवीण कुमार )




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