16 सितंबर 2017 को है इंदिरा एकादशी जानिए वर्त की कथा एवं इतिहास

devotional indira ekadashi history




आश्विन माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी मनाई जाती है।तदनुसार इस वर्ष शनिवार 16 सितंबर 2017 को इंदिरा एकादशी मनाई जाएगी। मान्यता अनुसार इस व्रत फल के प्रभाव से नरक में गए, पितरों का भी उद्धार हो जाता है। इंदिरा एकादशी व्रत का श्रवण मात्र से वाजपेय यज्ञ के तुल्य फल प्राप्त होता है। devotional indira ekadashi history 

इन्दिरा एकादशी व्रत कथा devotional indira ekadashi history 

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार सतयुग में महिष्मति नामक नगर में इन्द्रसेन नाम का एक राजा राज्य करता था। वह प्रजा, पुत्र, पौत्र आदि से परिपूर्ण तथा सदैव शत्रुओं का नाश करने वाला प्रतापी राजा था। एक बार राजा इन्द्रसेन अपनी राज सभा में सुख पूर्वक बैठा था। devotional indira ekadashi history 

उसी समय महर्षि नारद जी भी वहा पहुंचे। महर्षि नारद जी को देखकर राजा इन्द्रसेन ने सर्वप्रथम अर्ध्य आदि से उनकी पूजा करके उन्हें आसन दिया। आसन ग्रहण करने के पश्चात महर्षि नारद जी ने कहा, हे राजन, मैं आपकी धर्म परायणता को देखकर अति प्रसन्न हुआ हूँ। किन्तु एक दुखद सुचना मैं आपको देना चाहता हूँ। मैं एक बार यमलोक गया था। devotional indira ekadashi history 

उस समय यमराज की सभा में आपके पिता को बैठे देखा। आपके पिता महान ज्ञानी, दानी और धर्मात्मा थे। किन्तु किसी कारण वस उन्होंने एकादशी व्रत को करना छोड़ दिया था। जिस कारण उन्हें यमलोक में जाना पड़ा। आपके पिता का यह समाचार लेकर आया हूँ। devotional indira ekadashi history 

उन्होंने कहा कि मेरे पुत्र को अश्विन माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी व्रत उपवास के महत्व को बताएं। यदि मेरा पुत्र इस व्रत को विधि पूर्वक करेगा तो इस व्रत फल के प्रभाव से मुझे मुक्ति प्राप्त होगी। इंदिरा एकादशी के फल से मैं स्वर्ग लोक को प्राप्त करुंग। devotional indira ekadashi history 

कालाष्टमी की कथा एवम इतिहास

राजा इन्द्रसेन दुखे भर वाक्यों से महर्षि नारद जी से बोले कृपा कर इस व्रत विधि के बारें में बताएं। तत्पश्चात नारद जी ने राजा इन्द्रसेन को व्रत विधि बताया। राजा इन्द्रसेन ने महर्षि नारद जी के कथानुसार व्रत को विधि पूर्वक किया। व्रत फल के प्रभाव से राजा इन्द्रसेन के पिता को नरक लोग से मुक्ति प्राप्त हो गयी।  devotional indira ekadashi history 




इन्दिरा एकादशी महत्व devotional indira ekadashi history 

पुराणों में इस व्रत फल का उल्लेख निहित है। व्रत प्रभाव से राजा इन्द्रसेन के पिता को यमलोक से मुक्ति प्राप्त हुई थी। इस व्रत को करने से समस्त प्रकार के पापों का नाश होता है तथा पितरों एवम पूर्वजों को स्वर्ग की प्राप्ति होती है। devotional indira ekadashi history 

इन्दिरा एकादशी पूजा विधि devotional indira ekadashi history 

इस दिन प्रातः काल उठें, स्नान आदि से निवृत होकर व्रत का संकल्प करना चाहिए। तत्पश्चात भगवान विष्णु जी के निमित्त इस व्रत को विधि पूर्वक करना चाहिए। भगवन विष्णु जी की पूजा फल, फूल, पंचामृत, दूर्वा, धुप-दीप आदि से करें। devotional indira ekadashi history 

एकादशी व्रत के दिन निराहार रहकर उपवास करें। संध्या काल में आरती-अर्चना करने के पश्चात फलाहार करके रात्रि में भगवान विष्णु जी भजन-कर्तन करें। द्वादशी के दिन नित्य दिन की तरह पूजा-पाठ करने के पश्चात व्रत को खोलें। इस प्रकार इंदिरा एकादशी की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए भगवान विष्णु जी की जय।  devotional indira ekadashi history 
( प्रवीण कुमार )

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