31 जनवरी 2018 को है माघ पूर्णिमा,जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास

devotional magha purnima history




हिन्दू धर्म में माघ पूर्णिमा का कार्तिक पूर्णिमा जैसा महत्व है। वर्ष 2018 का माघ पूर्णिमा बुधवार 31 जनवरी 2018 को मनाई जाएगी। धार्मिक पंडित कहते है कि वैसे तो वर्ष के प्रत्येक माह की पूर्णिमा का महत्व है परन्तु माघ पूर्णिमा की बात भिन्न है। माघ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों तथा सरोवरों या संभव हो तो संगम में आस्था की डुबकी लगाने से व्यक्ति के सारे पाप कट जाते है तथा व्यक्ति की सारी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है।  devotional magha purnima history 

माघ पूर्णिमा की कथा devotional magha purnima history 

प्राचीन समय में एक बार कान्तिका नगरी में धनेश्वर नामक एक ब्राह्मण रहता था। ब्राह्मण हमेशा दुखी रहता था क्योकि वह निः संतान था। ब्राह्मण धनेश्वर ने बहुत जतन किया परन्तु उनकी पत्नी रूपमती से कोई संतान की उत्पति नही हुई। ब्राह्मण प्रतिदिन भिक्षा के लिए दूसरे गाँव जाया करता था। devotional magha purnima history 

एक दिन जब भिक्षा के लिए एक यजमान के घर पधारे तो यजमान ने भिक्षा देने से इनकार कर दिया। यजमान ने कहा की क्षमा करे, ब्राह्मण देव पर मैं आपको भिक्षा नही दे सकता हूँ क्योकि आपकी कोई संतान नही है तथा मैं निः संतान को दान या भिक्षा प्रदान नही कर सकता हूँ। क्षमा करे, ब्राह्मण देव। परन्तु मैं आपको संतान प्राप्ति के लिए एक माध्यम देता हूँ। devotional magha purnima history 

जया एकादशी की कथा एवं इतिहास

माँ चन्द्रिका देवी अर्थात माँ काली की पूजा तथा उपवास करे। आपको अवश्य पुत्र की प्राप्ति होगी। धनेश्वर ब्राह्मण तथा उसकी पत्नी रूपमती ने माँ काली की श्रद्धा और निष्ठा से भक्ति किया जिससे माँ काली प्रसन्न हो दोनों को दर्शन देकर वर दिया की निकट भविष्य में तुम्हे संतान प्राप्ति होगी। कुछ समय के पश्चात ब्राह्मण धनेश्वर को संतान की प्राप्ति हुई। devotional magha purnima history 




माघ पूर्णिमा पूजन विधि devotional magha purnima history 

माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है जिसे सतनारायण पूजा भी कहते है। इस दिन उपासक को भगवान विष्णु की पूजा फल, फूल, पान, सुपारी, दूर्वा तथा प्रसाद में चूरमा से किया जाता है। भगवान विष्णु व्रती के विधि-विधान से सम्पन्न किये गए पूजा को स्वीकार करते है। पूजन समाप्ति के समय भगवान विष्णु से परिवार के सुख, शांति और मंगल की कामना करे। भगवान श्री हरि विष्णु की कृपा से व्रती का सदैव मंगल होता है। devotional magha purnima history 

माघ पूर्णिमा का महत्व devotional magha purnima history 

माघ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान करना चाहिए। इस दिन गंगा, यमुना तथा पवित्र नदियों में स्नान करने से समस्त पाप का नाश होता है और अमोघ फल की प्राप्ति होती है। शास्त्रो में उल्लेख है की जो मनुष्य स्वर्ग की अभिलाषा करते है तथा स्वर्ग में अत्यधिक समय तक सुख का आनंद पाना चाहते है। उन्हें माघ पूर्णिमा के दिन (जब सूर्य मकर राशि में होते है) पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। इससे मनुष्य की आकांक्षा पूरी होती है। इस तरह माघ पूर्णिमा कीकथा सम्पन्न हुआ। प्रेम से बोलिए भगवान श्री हरी विष्णु जी की जय।  devotional magha purnima history 
( प्रवीण कुमार )

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