21 जून 2018 को महेश नवमी मनाई जाएगी,जानिए कथा एवम इतिहास

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वेदो, पुराणो एवम शास्त्रो के अनुसार ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महेश नवमी मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष शनिवार 21 जून 2018 को महेश नवमी मनाई जाएगी। devotional mahesh navami story

महेश नवमी पुरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है की माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति के स्त्रोत भगवान शिव जी है। अतः माहेश्वरी समाज के लोग इस पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाते है। devotional mahesh navami story 

माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति devotional mahesh navami story 

धार्मिक मान्यताओ के अनुसार महेश नवमी का उत्सव महेश अर्थात भगवान शिव जी एवम माता पार्वती की आराधना को समर्पित है। ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान शंकर की कृपा से माहेश्वरी समाज की उतपत्ति हुई थी। devotional mahesh navami story 




महेश नवमी की कथा devotional mahesh navami story

धार्मिक ग्रंथो के अनुसार माहेश्वरी समाज के पूर्वज क्षत्रिय वंश के थे। एक दिन जब इनके वंशज शिकार पर थे तो इनके शिकार कार्यविधि से ऋषियों के यज्ञ में विघ्न उतपन्न हो गया। जिस कारण ऋषियों ने इनलोगो को श्राप दे दिया था की तुम्हारे वंश का पतन हो जायेगा।

माहेश्वरी समाज इसी श्राप के कारण ग्रसित हो गया था । किन्तु ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन भगवान शिव जी की कृपा से उन्हें श्राप से मुक्ति मिल गई तथा शिव जी ने इस समाज को अपना नाम दिया।

इसलिए इस दिन से यह समाज महेशवरी के नाम से प्रसिद्ध हुआ। भगवान शिव जी की आज्ञानुसार माहेश्वरी समाज ने क्षत्रिय कर्म को छोड़कर वैश्य कर्म को अपना लिया। अतः आज भी माहेश्वरी समाज वैश्य रूप में पहचाने जाते है।

धार्मिक महत्व एवम पूजन कार्यक्रम devotional mahesh navami story 

माहेश्वरी समाज के लिए महेश नवमी पर्व का अत्यधिक महत्व है। इस उत्स्व की तैयारी 2-3 दिन पूर्व से की जाती है। महेश नवमी के दिन धार्मिक एवम सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

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समस्त माहेश्वरी समाज इस दिन श्रद्धा तथा भक्ति की आस्था को प्रकट कर भगवान शिव जी एवम माँ पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना करते है। महेश नवमी उत्स्व से यह सन्देश मानव जगत में फैलता है कि हिंसा का त्याग कर जगत कल्याण और परोपकार के लिए कर्म करना चाहिए। devotional mahesh navami story 

भगवान शिव जी ने यह सन्देश सर्वप्रथम माहेश्वरी समाज के पूर्वज को दिया था। इस प्रकार महेश नवमी की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए भगवान शिव जी और माता पार्वती की जय। devotional mahesh navami story 
( प्रवीण कुमार )

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