18 नवंबर 2017 को है मार्गशीर्ष अमावस्या जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास

devotional Margashirsha Amavasya history




हिंदी पंचांग के अनुसार इस वर्ष का मार्गशीर्ष अमावस्या गुरुवार 18 नवंबर 2017 को है। हिन्दू धर्म में अमावस्या तथा पूर्णिमा का विशेष महत्व है। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार इस दिन स्नान, दान तथा अन्य धार्मिक कार्य किये जाते है।मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन अन्य अमावस्या की तरह पूर्वजो के पूजन का विधान है। devotional Margashirsha Amavasya history 

धार्मिक धारणाये devotional Margashirsha Amavasya history 

मार्गशीर्ष अमावस्या कई धार्मिक कार्यो के लिए प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है की पितरो को मोक्ष प्राप्ति और सद्गति के लिए अमावश्या का व्रत करना चाहिए। इस व्रत को करने से ना केवल पितरो को मोक्ष एवम शांति मिलती है बल्कि व्रतधारी को अमोघ फल की प्राप्ति होती है। devotional Margashirsha Amavasya history 




मार्गशीर्ष अमावस्या महत्व

मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन पवित्र नदियों जैसे गंगा, यमुना आदि नदियों में स्नान करके तिल को नदी में प्रवाहित करे। तत्पश्चात सूर्य देव को अर्घ्य दे एवम पितरो का तर्पण करे । इस दिन ब्राह्मणो एवम गरीब को यथा शक्ति दान दे। devotional Margashirsha Amavasya history 

मासिक शिवरात्रि की कथा एवं इतिहास

मार्गशीर्ष अमावस्या व्रतधारी के लिए लाभकारी होता है। जो व्रती अमावश्या व्रत को विधि-विधान एवं शुद्ध मन से व्रत करता है उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। इस तरह मार्गशीर्ष अमावस्या व्रत की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए भगवान शिव जी की जय।  devotional Margashirsha Amavasya history 
( प्रवीण कुमार )

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