24 जनवरी 2018  को है नर्मदा जयंती,जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास

devotional narmada jayanti history



वेदो, पुराणो और शास्त्रो में नर्मदा जयंती का उल्लेख है। नर्मदा जयंती माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाई जाती है। तदानुसार,बुधवार 24 जनवरी 2018  को नर्मदा जयंती मनाई जाएगी। नर्मदा नदी जो आज हमारे बीच व्याप्त है। गंगा, यमुना के समान नर्मदा नदी का महत्व है। नर्मदा नदी में स्नान-ध्यान करने से समस्त पापो से मुक्ति मिलती है। devotional narmada jayanti history 

नर्मदा जयंती की कथा devotional narmada jayanti history 

माता नर्मदा जीवन दायनी है तथा पृथ्वी लोक में अकेली रहस्य्मय नदी है। वेदो में इनकी महिमा का वर्णन है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथो अनुसार भगवान शिव जी ने अमरकंटक के मैकल पर्वत पर नर्मदा को पृथ्वी वासी के कल्याण के लिए उतपन्न किया था। भगवान शिव जी ने नर्मदा को वरदान दिया था की प्रलय काल में भी तुम्हारा विनाश नही होगा। प्राचीन काल से अब तक नर्मदा नदी हमारे बीच व्याप्त है। devotional narmada jayanti history 




नर्मदा जयंती की पूजन विधि तथा महत्व devotional narmada jayanti history 

धार्मिक पंडित कहते है की गंगा में विवेक अत्यधिक है परन्तु भावुकता काम है। यमुना में भावुकता अत्यधिक है परन्तु विवेक कम है। जबकि नर्मदा में भावुकता और विवक का सही तालमेल है। अतः नर्मदा का अपना स्थान है। devotional narmada jayanti history 

रथ सप्तमी की कथा एवं इतिहास

शायद इस कारण आर्यो के विचार प्रधान संस्कृति भाषा का समन्वय हुआ। नर्मदा जयंती के दिन नर्मदा नदी में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते है तदोपरांत सूर्य देव को अर्घ्य देते है तथा माँ नर्मदा की आराधना निम्न मंत्रो का उच्चारण करते है।  devotional narmada jayanti history 

पुण्या कनखले गंगा ,कुरुक्षेत्रे सरस्वती ।
ग्रामें वा यदि वारण्ये ,पुण्य सर्वत्र नर्मदा ।।

भगवान श्री हरि विष्णु ने नर्मदा को वैतरणी कहा है जबकि भगवान ब्रह्मा जी ने नर्मदा को पाप नाशनी कहकर सम्बोधित किया है। इस तरह नर्मदा जयंती की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए नर्मदा माता की जय । devotional narmada jayanti history 
( प्रवीण कुमार )

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