11 अगस्त 2018 को है हरियाली अमावस्या या सावन अमावस्या,जानिए व्रत की कथा एवम इतिहास

devotional sawan amavasya story



हिन्दू धर्म के अनुसार सावन माह की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते है। तदनुसार इस वर्ष रविवार 11 अगस्त 2018 को हरियाली अमावस्या अथवा सावन अमावस्या मनाया जाएगा। devotional sawan amavasya story 

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अमावस्या एवम पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन किये गए दान-पुण्य से अमोघ फल की प्राप्ति होती है, एवम पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

हरियाली अमावस्या का महत्वdevotional sawan amavasya story 

हिन्दू धर्म तथा संस्कृति में वृक्षों को देवता का स्वरूप माना जाता है। मनु स्मृति के अनुसार परमात्मा ने वृक्ष का सृजन परोपकार एवम जनकल्याण के लिए किया है। वृक्षों में पीपल, बरगद, नीम, तुलसी, केला आदि में देवता का वास बताया गया है। devotional sawan amavasya story 



धार्मिक मान्यता है कि पीपल वृक्ष के मूल भाग में जल, दूध अर्पित करने से पितृ गण तृप्त होते है। शनि के ढैया से बचने के लिए पीपल के मूल भाग में तिल अथवा सरसों के तेल का दीप प्रज्वलित करने से शनि की ढैया शांत होती है।
केला भगवान विष्णु जी के पूजन के लिए उत्तम माना गया है। गुरूवार को केला वृक्ष के पूजन से भगवान विष्णु जी प्रसन्न होते है। ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु जी केला वृक्ष में विराजमान रहते है।हरियाली अमवस्या पूजा विधि.इस दिन प्रातः काल उठें, नित्य कार्य से निवृत होकर घर की साफ़-सफाई करें। तत्पश्चात केला या तुलसी का पौधा अपने आगँन में लगाएं। शास्त्रो में कहा गया है एक पेड़ दस पुत्रो के समान होता है। अतः हरियाली अमावस्या के दिन एक पेड़ का अवश्य रोपण करना चाहिए।

कर्क संक्रांति की कथा एवम महत्व

तत्पश्चात किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए, इस दिन सर्वप्रथम भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देकर नदी में तिल का दान अर्थात तिल प्रवाहित करना चाहिए।

तदोपरांत पीपल, केला, वट, तुलसी आदि वृक्षों का पूजन का विधान है। अतः विधि- विधान पूर्वक इनकी पूजा करनी चाहिए। पूजा समपन्न होने के पश्चात सामर्थ्य अनुसार दान करना चाहिए। devotional sawan amavasya story 

दान ब्राह्मणों एवम जरूरतमंद गरीबों को करना चाहिए। इस प्रकार हरियाली अमवस्या एवम सावन अमावस्या की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए भगवान विष्णु जी की जय। devotional sawan amavasya story 
( प्रवीण कुमार )

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