7 अगस्त 2017 को है सावन सोमवारी व्रत जानिए वर्त की कथा एवम इतिहास

devotional sawan somvar history



हिन्दू धर्म के अनुसार प्रत्येक वर्ष का सावन माह भगवान शिवजी एवम माता पार्वती को समर्पित है। सावन माह में सोमवारी व्रत का विशेष महत्व है। इस वर्ष सावन माह का चौथा सोमवारी व्रत सोमवार 7 अगस्त 2017 को मनाई जाएगी। devotional sawan somvar history 

इस दिन भगवान शिव जी एवम माता पार्वती की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। सावन माह में भारत के सभी द्वादश शिवलिंगो की पूजा अर्चना की जाती है। आदिकाल से सावन माह का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि सावन के सोमवार का व्रत करने से इच्छित वर की प्राप्ति होती है। devotional sawan somvar history 

सावन सोमवारी की व्रत कथा devotional sawan somvar history 




कथानुसार एक बार सनत कुमारो ने भगवान महादेव से पूछा, हे देवों के देव महादेव। कृपा कर ये बतायें कि क्यों आपको सावन माह अति प्रिय है। कुमारो के अनुरोध को स्वीकारते हुए भगवान महादेव ने कहा, देवी सती अपनी योगशक्ति के जरिये अपने पिता दक्ष के घर में शरीर त्याग दी थी। किन्तु देवी सती ने महादेव को हर जन्म में पति के रूप में पाने की प्रतिज्ञा की थी। devotional sawan somvar history 

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इसी वचनानुसार देवी सती का दूसरा जन्म हिमाचल के घर में रानी मैना के गर्भ से हुई थी। उनके माता-पिता ने कन्या का नाम पार्वती रखा। पार्वती ने सावन के महीने में निराहार रहकर कठोर व्रत कर महदेव को प्रसन्न किया। ततश्चात पार्वती का विवाह महादेव से हुआ। अतः महादेव एवम माता पार्वती को सावन माह अति प्रिय है। यह परम्परा आदि काल से वर्तमान काल तक जारी है। सावन माह में कुंवारी कन्यायें सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए सावन सोमवारी की व्रत रखती है। devotional sawan somvar history 

सोमवार की पूजा विधि devotional sawan somvar history 

इस दिन प्रातः काल उठे, स्नान आदि से निवृत होकर भगवान शिवजी, माता पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय जी एवम नंदी जी की पूजा करें। पूजा की दिशा पूर्व अथवा उत्तर हो। भगवान शिव जी को पंचामृत से जलधारा स्नान करायें। devotional sawan somvar history 

ततश्चात भगवान शिव जी की ऊजा गंध, फल, फूल, चन्दन, बेलपत्र, भांग-धतूरा, दूर्वा आदि से करें तथा शिव चालीसा का पाठ एवम ॐ नमः शिवाय मंत्र का उच्चारण करें। अंत में भगवान शिव जी की आरती करें एवम शिवजी एवम माता पार्वती से घर परिवार की सुख समृद्धि की कामना करें। इस प्रकार सावन सोमवारी व्रत की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए भगवान शिवजी एवम माता पारवती की जय। devotional sawan somvar history 
( प्रवीण कुमार )

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