30 मई 2018 को है वैशाख पूर्णिमा,जानिए व्रत की कथा एवम इतिहास

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हिन्दु धर्म के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। तदनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा व्रत बुधवार 30 मई 2018 को  वैशाख पूर्णिमा है। वैशाख पूर्णिमा के दिन बुध पूर्णिमा भी मनाई जाती है। भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान और निर्वाण वैशाख पूर्णिमा के दिन हुआ था। अतः वैशाख पूर्णिमा बौद्ध धर्म एवम हिन्दू धर्म के अनुयायी के लिए महत्वपूर्ण है। वैशाख पूर्णिमा की कथा एवम इतिहास devotional vaishakh purnima history 

वैशाख पूर्णिमा का महत्व devotional vaishakh purnima history 

वैशाख पूर्णिमा के दिन भक्तगण पवित्र नदियों एवम सरोवरों में डुबकी लगाते है। डुबकी लगाने के पश्चात पूजा-पाठ करते है। इस दिन भक्त मंडली गंगा एवम पवित्र नदियों में आरती का विशेष आयोजन करते है। वैशाख पूर्णिमा की कथा एवम इतिहास  devotional vaishakh purnima history

बुद्ध पूर्णिमा की कथा एवम इतिहास



वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। भगवान बुद्ध मनुष्य रूप में देवता के रूप थे। इन्होने लोगो को दुःख मार्ग से विरक्ति का उपाय बताया। वैशाख पूर्णिमा की कथा एवम इतिहास devotional vaishakh purnima history 

वैशाख पूर्णिमा पूजन devotional vaishakh purnima history 

वैशाख पूर्णिमा के दिन व्रत करते हुए भगवान श्री सतनारायण जी की पूजा-अर्चना तथा पूर्णिमा व्रत किया जाता है। भगवान विष्णु जी की पूजा फल,फूल, धुप, दीप, अगरबत्ती आदि से करना चाहिए। प्रसाद में चूरमा का भोग लगाएं। पूजा सम्पन्न होने के पश्चात लोगो में प्रसाद वितरित करे। इस दिन सामर्थ्य अनुसार दान करना चाहिए।  वैशाख पूर्णिमा की कथा एवम इतिहासdevotional vaishakh purnima history 

भगवान विष्णु जी की कृपा से व्रती के सारे संकट दूर हो जाते है। इस तरह वैशाख पूर्णिमा की कथा एवम महिमा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए भगवान विष्णु जी की जय। वैशाख पूर्णिमा की कथा एवम इतिहास devotional vaishakh purnima history 
( प्रवीण कुमार ) वैशाख पूर्णिमा की कथा एवम इतिहास

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