25 जनवरी 2018 को है मासिक दुर्गाष्टमी ,जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास

janvari month mashik durgashthmi 2017



हिन्दू धर्म में दुर्गापूजा और दुर्गाष्टमी का बड़ा महत्व है। दुर्गापूजा आश्विन माह में मनाया जाता है जबकि मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी को होती है। इसे मासिक दुर्गाष्टमी या मास दुर्गाष्टमी कहते है। janvari month mashik durgashthmi 2017

तदनुसार, पौष माह में शुक्रवार 25 जनवरी 2018 को मासिक दुर्गाष्ठमी मनाई जाएगी। आश्विन माह में शारदीय नवरात्रि उत्सव की अष्टमी को महाष्टमी कहा जाता है। महाष्टमी और मासिक दुर्गाष्टमी के दिन भक्त गण माँ दुर्गा की पूजा अर्चना व् उपवास रखते है। janvari month mashik durgashthmi 2017

माँ दुर्गा की उतपत्ति janvari month mashik durgashthmi 2017

मार्कण्डेय पुराण के अनुसार एक समय दुर्गम नाम का राक्षस रहा करता था। जो बड़ा ही क्रूर था उसके डर से ना केवल पृथ्वीं बल्कि पाताल और स्वर्ग लोग के निवासी भी भयभीत रहते थे। तब भगवान ब्रह्मा , विष्णु , और शिव जी की शक्ति से माँ दुर्गा की उत्पति हुयी जिसे दुर्ग या दुर्गसैनी भी कहते है। janvari month mashik durgashthmi 2017

जितिया व्रत की कथा एवं इतिहास

माँ का दर्शन कर सभी देव गण तथा तीनो लोको के स्वामी ने माँ दुर्गा की स्तुति कर उन्हें प्रणाम किया। हरिभक्तों की रक्षा के लिए माँ दुर्गा ने दुर्गम राक्षस का वध किया। दुर्गम राक्षस का वध करने के कारण इन्हे माँ दुर्गा कहा गया है। janvari month mashik durgashthmi 2017




महाष्टमी या मासिक दुर्गाष्टमी का महत्व

माँ दुर्गा को उनके भक्त गण दुर्गा , काली , भवानी , जगदम्बा आदि रूपों की पूजा आराधना करते है। अष्टमी के दिन स्नान-ध्यान से निवृत होकर, माँ दुर्गा की प्रतिमा को शुद्ध जल से स्नान कराकर वस्त्राभूषण एवं श्रृंगार किया जाता है और तब विधिपूर्वक माँ दुर्गा की पूजा की जाती है। janvari month mashik durgashthmi 2017

धुप , दीप और नैवद्य से पूजा करने के बाद माँ दुर्गा की जय बोलते है। माँ दुर्गा की उपासना व् व्रत करने से माँ हर प्रकार की संकट को दूर करती है।विधि-विधानों के अनुसार माँ दुर्गा की पूजा करने से पूजा सफल और सम्पन्न होती है प्रेम से बोलिए जय माता दी।  janvari month mashik durgashthmi 2017
( प्रवीण कुमार )

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