28 जून 2018 को कबीर जयंती मनाई जाएगी,जानिए कबीरदास जी की जीवनी

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कबीर जी का जन्म ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन हुआ था। तदनुसार प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को कबीर जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष कबीर जयंती शुक्रवार 28 जून 2018 को मनाई जाएगी। know kabir das life story 

कबीर जी को लोग सफल साधक, भक्त कवि, समाज सुधारक के रूप में जानते है। इनके नाम पर कबीर सम्प्रदाय भी है। इनके संबंध में अनेक चमत्कारिक घटनाएँ  सुनी तथा पढ़ी जाती है। know kabir das life story 

प्रसिद्धि know kabir das life story 

विश्व पटल पर भारत देश को तपोवन भूमि कहा जाता है। इस भूमि पर अनेक संत, महात्मा, पीर-पैगम्बर, महात्मा आदि ने जन्म लिया है इन्ही संतो में से कबीर जी भी एक संत हुए जो समाज में में फैले बाह्य आडंबरों के सख्त विरोधी थे। know kabir das life story 

भुवनेश्वरी जयंती की कथा एवम इतिहास

उनका कहना था कि ईश्वर निरंकार है जो सभी वर्गों के लिए एकसमान है उन्होंने सभी जातियों को एक सूत्र में बांधने का प्रयास किया। कबीर जी लेखक एवम कवि थे। उन्होंने प्राणी जगत को जीवन में एक नई प्रेरणा दिया। कबीर जी शिक्षा के धनी नही थे परन्तु दिव्य अनुभूति के महान पंडित थे। know kabir das life story 




कबीर जी के अनुयायी know kabir das life story 

कबीर जी को सभी सम्प्रदयो में एकसमान सम्मान प्राप्त था। हिन्दू-मुस्लिम के सम्प्रदाय  के लोग उन्हें अधिक मानते थे जिस कारण उनकी मृत्यु के पश्चात दोनों समूह में शव को लेकर विवाद उतपन्न हो गया। हिन्दू धर्म के लोग कबीर जी का अंतिम संस्कार हिन्दू रीति से करना चाहते थे। know kabir das life story 

जबकि मुस्लिम वर्ग कबीर जी के अंतिम संस्कार को मुसिम रीति के तहत करना चाहते थे इस विवाद के कारण जब दोनों समूह में तकरार हुआ तो कबीर जी के शव से चादर हट गई, तत्पश्चात उनके अनुयायी को उनके शव के स्थान पर फूल मिला। know kabir das life story 

कबीर जी ने मृत्यु पश्चात भी दोनों वर्गो को प्रेम भाव की सीख दी। कबीर जी के शव पर पड़े फूलो को हिन्दू और मुसलमान वर्गो ने बाँट लिया। महान साधक, भक्तकवि और समाज सुधारक कबीरदास जी को शत-शत नमन। know kabir das life story 

( प्रवीण कुमार )

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