16 जून 2018 को मनाई जाएगी  महाराणा प्रताप जयंती,जानिए उनकी जीवनी

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महाराणा प्रताप का जन्म ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की द्वादशी 9 मई 1540 ई में राणा उदय सिंह के निवास कुम्भल गढ़ दुर्ग में माता महारानी जयवन्ता कुँवर के गर्भ से हुआ था। महारणा प्रताप सिंह ने 11 शादियाँ की थी। उनके कुल 19 संतान थी। इस वर्ष  महाराणा प्रताप जयंती रविवार 16 जून 2018 को मनाई जाएगी।
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महाराणा प्रताप बचपन से ही साहसी, वीर, स्वाभिमानी तथा स्वतंत्रता के पुजारी थे। सन 1572 ई में उन्होंने मेवाड़ की गद्दी संभाली। परन्तु इस समय ही उन्हें हल्दी घाटी युद्ध का समाना करना पड़ा। अभूतपूर्व संकटो का सामना करने के पश्चात भी महाराणा प्रताप ने धैर्य तथा साहस का साथ नही छोड़ा। हल्दी घाटी के युद्ध में उन्होंने अपने पराक्रम को दिखाया वह भारतीय इतिहास में असामान्य है। know maharana pratap life story




महाराणा प्रताप को स्वतंत्रता प्रिय था अतः उन्होंने अकबर की अधीनता को नही स्वीकारा। अपनी मर्यादा की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप ने प्रतिज्ञा लिया कि जब तक अपना राज्य मुक्त नही करवा लूंगा, तब तक राज्य सुख का भोग नही करूंगा। महाराणा प्रताप अरावली के जंगलो में भटकते रहे। know maharana pratap life story

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हालांकि, महाराणा प्रताप मुगलो की विशाल सेना को पराजित नहीं कर पाए ,परन्तु समस्त विश्व के समक्ष उन्होंने जो वीरता का आदर्श प्रस्तुत किया वह असाधारण एवम सम्मानीय है। इतिहास इस बात की साक्षी है कि यदि राजपूतो को भारीतय इतिहास में सम्मानपूर्ण स्थान मिला तो इसका श्रेय महाराणा प्रताप को जाता है।

ई में महाराणा प्रताप ने मेवाड़ की गद्दी संभाली know maharana pratap life story

उन्होंने अपने जीवन के अंत काल तक अपनी मातृभूमि को कलंकित और परतंत्र नही होने दिया। उन्होंने अपने शासन में मुगलो की सेना तथा मुगल सम्राट अकबर को लोहे के चने चबाने पर विवश कर दिया। महाराणा प्रताप आजीवन संघर्ष किया। know maharana pratap life story

मुग़ल का सम्राज्य तो आज विलुप्त हो चूका है, किन्तु महाराणा प्रताप की वीरता आज भी आदर्श रूप में प्रस्तुत किया जाता है। कई विदेशी साहित्यकार तथा इतिहासकार ने उनके स्वाभिमान की प्रशंसा की है।

इतिहास गवाह है कि जब महाराणा प्रताप का देहांत हुआ तो स्वंय अकबर भी रो पड़े थे। मात्र 57 वर्ष की उम्र में महाराणा प्रताप स्वर्ग सिधार गए। देश के वीर पुरुष, सैनिक, स्वाभिमानी, स्वतंत्र प्रिय महान क्षत्रिय नरेश महाराणा प्रताप को शत शत नमन। जानिए महाराणा प्रताप सिंह जी की जीवनी know maharana pratap life story
( प्रवीण कुमार )

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