6 मई 2017 को है मोहिनी एकादशी,जानिए कथा एवम इतिहास

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हिन्दू धार्मिक मान्यता अनुसार वैशाख माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष मोहिनी एकादशी  शनिवार 6 मई  2017 को है। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार जब समुद्र मंथन के समय अमृत को लेकर देवताओ और दानवो में विवाद छिड़ गया। know mohini ekadashi story 

इस विवाद को समाप्त करने एवम दानवो को अमृत से दूर रखने के लिए भगवान विष्णु अति सुन्दर नारी रूप धारण कर देवताओ और दानवो के बीच पहुंच गए। भगवान विष्णु के नारी रूप को देख दानव लोग उनपर मोहित हो गया। know mohini ekadashi story 

तब भगवान विष्णु जी ने दिग्भ्रमित दानवों से अमृत कलश छीनकर देवताओं को सौंप दिया। तत्पश्चात सभी देवताओं ने अमृत पान किया, जिससे समस्त देवता गण अमर हो गए। जिस दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप को धारण किया था उस दिन एकादशी तिथि थी। अतः इस एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। know mohini ekadashi story 

मोहिनी एकादशी की कथा know mohini ekadashi story 

प्राचीन समय में सरस्वती नदी के तट पर भद्रावती नाम का नगर था जिसमे धृत नामक राजा रहता था। इसी नगरी में एक धनवान वैश्य रहता था जो बड़ा ही धार्मिक प्रवृति का था परन्तु उसके पाँच पुत्र में छोटा पुत्र महापापी था। जो सदैव बुरे प्रवृति में शामिल रहता था। know mohini ekadashi story 

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उसके माता-पिता ने उसे कुछ धन देकर घर से निकाल दिया। माता-पिता से मिला धन कुछ दिनों में समाप्त हो गया। तत्पश्चात धनवान का पुत्र चोरी करने लगा। एक बार धनवान का पुत्र चोरी करते हुए पकड़ा गया। राजा ने नगर से निकाल दिया। वह भटकते-भटकते एक मुनि के आश्रम जा पहुँचा। भूखे-प्यासे वह मुनि से हाथ जोड़ कर बोला। हे मुनि मैं आपके शरण में हूँ। मेरे बुरे कर्मो के कारण सर्वप्रथम मेरे माता-पिता ने घर से निकल दिया। know mohini ekadashi story 

तत्पश्चात चोरी करने के कारण नगर नरेश ने नगर से निकल दिया। कहा जाऊ तथा कैसे अपने पापो का प्रायश्चित करू। तदोपरांत मुनि ने कहा, वत्स तुम्हारे विनीत भाव से मैं अति प्रसन्न हूँ। बालक, तुम वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी व्रत विधि-विधान पूर्वक सम्पन्न करो इससे तुम्हे पापो से मुक्ति मिलेगी तथा विष्णु लोक को प्राप्त करोगे। मुनि के कथानुसार धनवान के पुत्र ने मोहिनी एकादशी का व्रत किया जिससे उसे समस्त पापो से मुक्ति मिल गई तथा मरणोपरांत विष्णु लोक चला गया। know mohini ekadashi story 

मोहिनी एकादशी व्रत विधिः know mohini ekadashi story 

एकादशी के दिन सूर्योंदय काल में उठे, स्नान आदि से निवृत होकर शुद्ध कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प ले। तत्पश्चात भगवान विष्णु जी की पूजा घी के दीपक जलाकर, फल, फूल, जल, पंचामृत, चूरमा सहित विधि पूर्वक करे। इस दिन व्रती को तुलसी पत्ता नही तोडना चाहिए। व्रत के दिन निराहार रहे। शाम में पूजन-आरती के पश्चात व्रती चाहे तो फलाहार कर सकते है। know mohini ekadashi story 

हिन्दू धार्मिक ग्रंथो के अनुसार एकादशी के दिन रात्रि जागरण करने का उल्लेख मिलता है। अतः एकादशी की रात्रि में ना सोए। बल्कि भगवान विष्णु जी का भजन-कीर्तन करे। अगले दिन अर्थात द्वादशी के दिन पूजा-दान एवम ब्राह्मणो को भोजन कराने के पश्चात व्रत खोलें। इस प्रकार मोहिनी एकादशी की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए भगवान विष्णु जी की जय। know mohini ekadashi story 
( प्रवीण कुमार )

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