9 अगस्त 2018 को है सावन शिवरात्रि जानिए व्रत की कथा एवम इतिहास

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सोमवार 9 अगस्त 2018 को सावन शिवरात्रि है। हिन्दू धर्म में सावन शिवरात्रि का अति विशेष महत्व है। जहाँ वर्ष में एक महाशिवरात्रि मनाया जाता है वही वर्ष के प्रत्येक महीने में एक मासिक शिवरात्रि मनाया जाता है। जबकि सावन महीने के अर्ध माह में सावन शिवरात्रि मनाया जाता है। know sawan shivaratri history

मासिक शिवरात्रि की कथा एवम इतिहास

मासिक शिवरात्रि या महाशिवरात्रि एवम सावन शिवरात्रि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार सावन शिवरात्रि के दिन व्रत करने से हर मुश्किल कार्य सुगम हो जाता है। know sawan shivaratri history 

सावन शिवरात्रि की कथा know sawan shivaratri history

धार्मिक ग्रंथो के अनुसार सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव जी लिंग रूप में प्रकट हुए थे, और सर्वप्रथम भगवान शिव जी के लिंग रूप को भगवान ब्रह्मा और विष्णु ने पूजा था। पौराणिक परम्परा के अनुसार लोग शिवरात्रि के दिन शिवलिंग की पूजा करते है। हिन्दू पुराणो की माने तो शिवरात्रि व्रत प्राचीन काल से ही मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है की देवी लक्ष्मीं, सरस्वती, गायत्री, सीता, पार्वती तथा रति ने भी शिवरात्रि का व्रत किया था। know sawan shivaratri history




सावन शिवरात्रि का महत्व know sawan shivaratri histor

महिला व् परुष सभी इस व्रत को कर सकते है। भक्त को शिवरात्रि की रात में जग कर शिव जी की पूजा व् भजन करना चाहिए। सावन शिवरात्रि के करने से जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति होती है। भगवान शिव जी की कृपा से व्रत धारी के सारे बिगड़े काम बन जाते है

सावन शिवरात्रि का शुभ मुहर्त know sawan shivaratri history

धार्मिक पंडितो का मानना है की अगर सावन शिवरात्रि सोमवार को पड़े तो बहुत शुभ और मंगलकारी होता है। शिवरात्रि का शुभ समय मध्य रात्रि माना गया है। अतः भक्तो को शिव जी की पूजा मध्य रात्रि में करनी चाहिए और इस शुभ मुहर्त को ही निशिता काल कहा जाता है। इस तरह सोमवार की महिमा और कथा सम्पन्न हुई । प्रेम से बोलिए भगवान शिव जी और माता पार्वती जी की जय। know sawan shivaratri history
( प्रवीण कुमार )

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