27 जुलाई 2018 को व्यास जयंती मनाई जाएगी,जानिए वेदव्यास जी की जीवनी

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धार्मिक ग्रंथो के अनुसार प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह की पूर्णिमा को व्यास जयंती मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष रविवार 27 जुलाई 2018 को व्यास जयंती मनाई जाएगी। know ved vyas life story 

पुराणों के अनुसार आषाढ़ माह की पूर्णिमा के दिन व्यास जी का जन्म हुआ है। इन्हे चारो वेदों का सम्पूर्ण ज्ञान था। अतः इन्हें वेदव्यास कहा गया। वेद व्यास जी संस्कृत भाषा के प्रकांड विद्वान थे इसलिए इन्हे गुरु की उपाधि दी गयी है। know ved vyas life story 

हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार वेदव्यास जी भगवान नारायण के कलावतार थे। व्यास जी के पिता का नाम ऋषि पराशर एवम माता का नाम सत्यवती था। जन्म के कुछ समय पश्चात व्यास जी ने अपने माता-पिता से वन में जाकर तप करने की इच्छा प्रकट की। know ved vyas life story 

प्रारम्भ में इनकी माता सत्यवती व्यास जी ने इन्हे सहमति नही दी किन्तु व्यास जी के हठ के कारण माता ने वन जाने की आज्ञा दे दी। व्यास जी ने माता को गृह स्मरण होते ही लौट आने का वचन देकर वन की ओर निकल पडे।

ऐसा माना जाता है कि वेदो के विस्तार के लिए भगवान नारायण स्वंय व्यास जी के रूप में प्रकट हुए है। वेदो का विस्तार, महाभारत, अठारह महापुराणों एवम ब्रह्मसूत्र की रचना व्यास जी ने किया है। बदरीवन में निवास करने के कारण व्यास जी बादरायण भी कहलाते है। know ved vyas life story 




व्यास जी को अमरत्व प्रदान है know ved vyas life story 

शुद्धात्मा व्यास जी विपत्ति ग्रस्त पांडवो की समय-समय पर उनकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। व्यास जी ने धृतराष्ट्र के अनुरोध पर संजय को दिव्य दृष्टि प्रदान की थी जिसके जरिये संजय ने महाभारत के युद्ध को प्रत्यक्ष देखा था।

अपितु उन्होंने श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश का श्रवण भी किया था। महर्षि वेद व्यास जी की ज्ञान शक्ति अलौकिक थी। महाभारत के युद्ध के पश्चात एक बार जब वेद व्यास जी धृतराष्ट्र तथा गंधारी से मिलने गए थे तो उन्होंने धृतराष्ट्र को पुत्र शोक में व्याकुल देखा। know ved vyas life story  

उस समय युधिष्ठिर भी सपरिवार वहाँ पर मौजूद थे। तब धृतराष्ट्र ने अपने मरे हुए स्वजनों एवम कुटुम्बों को देखने की इच्छा प्रकट की। जिस पर वेद व्यास जी उनलोगों को लेकर गंगा नदी के तट पर पहुँचते है। know ved vyas life story 

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तत्पश्चात व्यास जी ने गंगा नदी में प्रवेश कर दिवंगत योद्धाओ को पुकारा। व्यास जी की पुकार से गंगा जल में महाभारत युद्ध जैसी कोलाहल सुनाई देने लगी। देखते-देखते ही समस्त योद्धा प्रकट हो गए।

वेदव्यास जी का हिन्दू धर्म पर अनंत उपकार है know ved vyas life story 

समस्त लोग दिव्य देहधारी रूप धारण किये प्रकट हुए। वे सभी रात्रि में अपने पूर्व संबंधियों से मिले तथा सूर्योंदय से पूर्व गंगा नदी में पुनः प्रवेश करके दिव्य लोकों को चले गए। व्यास जी को अमरत्व प्रदान है। अतः व्यास जी आज भी हमारे बीच व्यापत है। know ved vyas life story 

भगवान व्यास जी आज भी अमर है तथा समय-समय पर प्रकट होकर अधिकारी पुरुषो को अपना दर्शन देकर कृतार्थ करते है। आदि शंकराचार्य को इन्होने अपना दर्शन देकर उनका उद्दार किया था। know ved vyas life story

वेदव्यास जी का हिन्दू धर्म पर अनंत उपकार है। सम्पूर्ण हिन्दू धर्म उनका आभारी है। वेदो के ज्ञाता, महाभारत के रचियता, अठरह पुराणों के संग्रह कारक अमर युग पुरुष वेदव्यास जी को शत शत नमन। know ved vyas life story  
( प्रवीण कुमार )

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