03 दिसंबर 2017 को है त्रिपुर भैरवी जयंती,जानिए कथा एवं इतिहास

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हिंदी पंचांग के अनुसार वर्ष 2017 की त्रिपुर भैरवी जयंती 03 दिसंबर 2017 मनाई जाएगी। सनातन धर्म में मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा के दिन त्रिपुर भैरवी जी की पूजा व् उपासना की जाती है।  मान्यता है कि इनकी उपासना से भक्त को सर्वसम्पदा सफलता मिलती है। माता त्रिपुर भैरवी, भक्त के मन्त्र-जप, पूजा, होम करने से प्रसन्न होती है उनकी प्रसन्नता से भक्त की सारी मनोरथ सिद्ध होती है। devotional tripur bhairvi jayanti history

माता त्रिपुर भैरवी अवतरण की कथा। devotional tripur bhairvi jayanti history

नारद पुराण के अनुसार एक बार जब माँ काली के मन में ख्याल आया की वह पुनः अपना गौर वर्ण प्राप्त करे तो यह सोचकर देवी माँ अंतर्ध्यान हो गयी।  भगवान शिव जी जब देवी को अपने समक्ष नही देखते है तो व्याकुल हो ढूढ़ने लगते है। devotional tripur bhairvi jayanti history

मार्गशीर्ष पूर्णिमा की कथा एवं महत्व

जब देवी माँ कही नही मिलती है तो महर्षि नारद जी से देवी माँ के विषय में पूछते है तब नारद जी उन्हें देवी के दिशा गमन का बोध कराते है। भगवान शिव जी की आज्ञा पाकर महर्षि नारद जी देवी माँ की खोज में उत्तर दिशा की और जाते है जहा माता अपने ध्यान में मग्न रहती है।  महर्षि नारद जी देवी माँ को प्रणाम कर भगवान शिव जी की व्यथा को सुनते है और माँ से विनती करते है की आप कैलाश को लौट चले। माँ  का ध्या टूटने से माँ क्रोधित हो जाती है और तत क्षण माँ के दिव्य शक्ति से एक ज्वाला उतपन्न होती है जो त्रिपुर भैरवी का रूप लेती है। devotional tripur bhairvi jayan ti history




माता त्रिपुर भैरवी के अन्य रूप।

भैरवी के अनेक रूप है। माता भैरवी को त्रिपुर भैरवी, चैतन्य भैरवी, सम्पदप्रद भैरवी, सिद्ध भैरवी, कमलेश्वरी भैरवी, रूद्र भैरवी, भद्रा भैरवी, षट्कूरा भैरवी के नाम से भी जाना जाता है।

माता त्रिपुर भैरवी का मंत्र और उच्चारण।

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः।  हंसै हसकरी हसै।

इन मंत्रो का जाप करने से सभी प्रकार के कष्ट एवं संकटो का नाश होता है

माता त्रिपुर भैरवी जयंती का महत्व। devotional tripur bhairvi jayanti history

माता की पूजा सविधि तथा शुद्ध मन से करना चाहिए।  माँ भैरवी लाल वस्त्र धारण किये हुए है।  अतः भक्तो को पूजा कम लाल रंग का उपयोग करना चाहिए।  विधिवत व् माँ के मंत्रो का जाप करने से माँ भैरवी प्रसन्न होती है और प्रसन्न हो माँ भक्त की हर सिद्धि को पूर्ण करती है। माता भैरवी जयंती की यह कथा सम्पन्न होती है।  भक्त गण प्रेम से बोलिए जय माता दी। माता त्रिपुर भैरवी जी की जय।  माँ काली की जय। devotional tripur bhairvi jayanti history

( प्रवीण कुमार )

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