1 मार्च 2018 को है बसंत पूर्णिमा,जानिए कथा एवं इतिहास

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार हिन्दू धर्म में वर्ष के प्रत्येक माह में जिस दिन पूरा चाँद होता है। उसे पूर्णिमा माना जाता है। अतः वर्ष के पतयेक महीने में पूर्णिमा व्रत मनाया जाता है।वर्ष 2018 में फाल्गुन माह की पूर्णिमा 1 मार्च 2018को मनाया जायेगा। फाल्गुन पूर्णिमा को हिन्दू धर्म के लोग होली त्यौहार को मनाते है। इसे बसंत पूर्णिमा भी कहा जाता है क्योकि बसंत ऋतू में यह पूर्णिमा पर्व पड़ता है।  devotional vasant panchami vart katha

वसंत पूर्णिमा की कथा

महाकाव्य कुमार सम्भवम् में कालिदास ने इस पूर्णिमा के बारे में महिमा किया है। भगवान शिव जी की पत्नी माता सती ने पिता के द्वारा अपमानित होने के कारण खुद को यज्ञ की हवन कुण्ड में प्राण त्याग दिया था। इस बात से भगवन शिव जी अति क्रोधित हो गए थे। इस क्रोध में वो सती के शव को अपने कंधे पर ले विक्षिप्त की तरह यहाँ-वहाँ भटकने लगे। उस समय भगवान विष्णु जी ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को खंडित कर दिया था। devotional vasant panchami vart katha

इसके समस्त देव गण तथा भगवान विष्णु एवम ब्रह्मा जी ने उन्हें मनाया। परन्तु शिव जी ने कठोर संकल्प लिया की भविष्य में कभी विवाह नही करेंगे। परन्तु समय बीतते गए और एक बार माता पार्वती कैलाश पर्वत पर भगवान शिव जी के दर्शन के लिए गयी थी। उसी समय जब भगवान शिव जी ध्यान में लीन थे कामदेव ने उन्हें उकसाने की कोशिस की जिससे भगवान विष्णु क्रोधित हो गए और क्रोध में भगवान शिव जी ने अपनी तीसरी आँख खोलकर कामदेव को जला दिया। devotional vasant panchami vart katha

जब कामदेव की पत्नी रति को पता चला तो रति भगवान शिव से क्षमा याचना करने लगी। उस समय भगवान शिव ने कहा भविष्य में जब हमारा विवाह माता पार्वती से होगी। उस बसंत पूर्णिमा के दिन तुम्हारा पति जीवित हो जायेगा।  devotional vasant panchami vart katha 

बसंत पूर्णिमा पूजन विधि

फाल्गुन या बसंत पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन उपासक को भगवान विष्णु की पूजा फल, फूल, पान, सुपारी, दूर्वा एवम प्रसाद भगवान को प्रिय चूरमा का भोग लगाये। पूजन समाप्ति के पश्चात भगवान विष्णु से परिवार के लिए सुख, शांति और मंगल की कामना करे। भगवान श्री हरि विष्णु की कृपा से सदैव मंगल होता है। devotional vasant panchami vart katha

बसंत पूर्णिमा का महत्व

 

बसंत पूर्णिमा के दिन होली भी मनाया जाता है। अतः यह दिन अति पावन है। बसंत ऋतू में प्रकृति में नया रंग उमड़ आता है। चारो तरफ हरियाली उभर आती है। पेड़-पौधे एवम वातावरण में नव संचार होता है। अतः वसंत पूर्णिमा का अति विशेष महत्व है। इस तरह वसंत पूर्णिमा की कथा सम्पन्न हुआ। प्रेम से बोलिए भगवान विष्णु जी की जय। devotional vasant panchami vart katha

प्रवीण कुमार

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