30 नवम्बर को है गीता जयंती जानिए गीता जयंती की कथा एवं इतिहास

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मोक्षदा अर्ताथ मोह का क्षय। पवित्र ग्रन्थ गीता समस्त मानव जाति को जीवन की एक नई दिशा प्रदान करती है। पवित्र ग्रन्थ गीता अर्थात सत्य का ज्ञान गीता ज्ञान का सागर है, भगवान श्री कृष्ण जी ने कहा है तीन तरह का गुण मानव जाति में व्याप्त है सतो , रजो और तमो , जो भक्त इस तीनो गुणों से ऊपर उठकर है वो मुझे अति प्रिय है । know gita jayanti history 

जितिया व्रत की कथा एवं इतिहास

गीता उपदेश में भगवान श्री कृष्ण जी ने अर्जुन से धर्म , कर्म , ध्यान ,भाव , भक्ति और पुरुष चेतना आदि का विस्तृत वर्णन किया है। भगवान श्री कृष्ण जी कहते है , हे अर्जुन अपने आपको इस भव बंधन से मुक्त करो। कर्मशील बनो ज्ञान की खोज में रहो मेरा ध्यान करो। मैं ही तेरा पालन हार हूँ। know gita jayanti history 

कर्म करने से मैं भी बंधा हूँ अगर मैं कर्म ना करू तो सारी सृष्टि नष्ट हो जाएगी और फिर मुझे इस पृथ्वी पर अवांछित लोगो को लाना होगा जो श्रेयस्कर नही है। अतः कर्म करो। अपना कर्म, धर्म सब मुझे अर्पित करो। गीता उपदेश मानव उत्थान के लिए कही गयी थी और जीवन में इसका नित अध्ययन करना चाहिए। कलियुग में मानव जीवन के लिए गीता पथ प्रदर्शक है। know gita jayanti history 




भगवान श्री कृष्ण जी कहते है भक्ति बाल्यकाल से शुरू करनी चाहिए क्योकि मृत्यु के समय मुझे स्मरण करना मनुष्य जाति के लिए अति दुर्लभ है। गीता पुरुषार्थ की और हमे अग्रषित करता है। अतः गीता के उपदेश का अध्ययन प्रतिदिन करना चाहिए । know gita jayanti history 

गीता जयंती की पूजा विधि और पठन-पाठन know gita jayanti history 

गीता जयंती के दिन भगवान श्री कृष्ण जी, व्यास जी आदि की विधिपूर्वक पूजन करना चाहिए। पूजा धुप-दीप, नैवेद्य का भोग लगाकर सम्पन्न करना चाहिए। इस दिन व्रत करने से मोक्ष पद प्राप्त होता है। पवित्र पुस्तक ‘गीता’ को लाल कपड़े में बांधकर रखना चाहिए। प्रतिदिन स्नान आदि से निवृत होकर गीता का एक अध्याय जरूर करना चाहिए। know gita jayanti history 

गीता न केवल एक पवित्र पुस्तक है बल्कि कलयुग में समस्त मानव जाति के उद्धार का स्त्रोत्र है। इस तरह यह कथा और गीता महत्व का ज्ञान सम्पन्न हुयी। प्रेम से बोलिए बाके बिहारी कनैहया लाल की जय। know gita jayanti history 

( प्रवीण कुमार )

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