list of festival in February

भक्त श्री सूत जी का कहना है की जो भक्त प्रदोष व्रत के दिन उपवास रख कर शिव जी की आराधना व् पूजा करते है, उनकी सारी मनोकामना पूर्ण होती है तथा सभी प्रकार का दोष दूर हो जाता है 

2 फरवरी 2019 को मासिक शिवरात्रि है। हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि का भी विशेष महत्व है। जहाँ वर्ष में एक महाशिवरात्रि मनाया जाता है वही वर्ष के प्रत्येक महीने में एक मासिक शिवरात्रि मनाया जाता है। 

माघ अमावस्या को ही मौनी अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओ के अनुसार यह योग पर आधारित व्रत है और इस दिन पवित्र नदियों और संगमो में देवताओ का निवास होता है।

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष में गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है .तदानुसार इस वर्ष मंगलवार 5 फरवरी 2019 से गुप्त नवरात्रि प्रारम्भ होगी. ये नवरात्रि अन्य नवरात्रि की तरह नौ दिन मनाई जाती है .

धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। 

श्री पंचमी या वसंत पंचमी बंगाल, बिहार तथा झारखण्ड का प्रमुख त्यौहार है इस दिन विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा की जाती है। 

हिन्दू धर्म के ग्रंथो के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को रथ सप्तमी मनाया जाता है। तदनुसार, रविवार 14 फरवरी 2016 को रथ सप्तमी मनाया जायेगा। हिन्दू धार्मिक मान्यताओ के अनुसार इस दिन से भगवान सूर्यदेव ने सारे जगत को अपने प्रकाश से आलोकित करना प्रारम्भ किया था

वेदो, पुराणो और शास्त्रो में नर्मदा जयंती का उल्लेख है। नर्मदा जयंती माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाई जाती है। तदानुसार,मंगलवार 12 फरवरी 2019 को नर्मदा जयंती मनाई जाएगी। नर्मदा नदी जो आज हमारे बीच व्याप्त है। गंगा, यमुना के समान नर्मदा नदी का महत्व है।

हिन्दू धर्म में दुर्गापूजा और दुर्गाष्टमी का बड़ा महत्व है। दुर्गापूजा आश्विन माह में मनाया जाता है जबकि मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी को होती है। इसे मासिक दुर्गाष्टमी 

तमिल पंचांग के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में मासिक कार्तिगाई मनाया जाता है। तदनुसार, फरवरी माह में रविवार13  फरवरी 2019 को मासिक कार्तिगाई मनाया जाएगा। कार्तिगाई दीपम पर्व को दक्षिण 

भीमाष्टमी व्रत माघ माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। तदानुसार, 13 फरवरी 2019 को भीमाष्टमी व्रत मनाया जायेगा। महाभारत महाकव्य अनुसार इस दिन महाभारत के महापुरुष भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु प्राप्त हुई थी। 

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी गुरुवार 17 फरवरी 2019 को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी गुरुवार 17 फरवरी 2019 को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।

हिन्दू धर्म में माघ पूर्णिमा का कार्तिक पूर्णिमा जैसा महत्व है। वर्ष 2019 का माघ पूर्णिमा मंगलवार 19 फरवरी 2019 मनाई जाएगी। धार्मिक पंडित कहते है कि वैसे तो वर्ष के प्रत्येक माह की पूर्णिमा का महत्व है

गुरु रैदास के संबंध में उचित प्रमाण नही है। लेकिन कुछ विद्वान रैदास के जन्म का समय 1398 ई में मानते है जबकि कुछ विद्वान रैदास के जन्म समय को 1482-1527 मानते है। इस वर्ष मंगलवार 19 फरवरी 2019 को रैदास जयंती मनाई जाएगी। 

धार्मिक मान्यता है कि हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है जो पूर्णतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। 

धार्मिक मान्यताओ के अनुसार फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की पंचमी को यशोदा जयंती मनाई जाती है। तदनुसार, मंगलवार 24 फरवरी 2019 को यशोदा जयंती मनाई जाएगी।

त्रेतायुग के साक्ष्य अनुसार फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की नवमी को शबरी जयंती मनई जाती है। तदनुसार, बुधवार 25 फरवरी 2019 को शबरी जयंती मनाई जाएगी। शबरी भगवान राम की जन्म से भक्त थी

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की अष्ठमी को कालाष्टमी मनाई जाती है। तदनुसार, बुधवार 7 फरवरी 2018 को कालाष्टमी है। कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी या भैरवाष्टमी के रूप मनाया जाता है।

फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की नवमी को जानकी जयंती मनाया जाता है। तदनुसार, गुरुवार 26 फरवरी 2019  को सीता माँ की जयंती सम्पूर्ण भारत में उत्साह तथा श्रद्धा से मनाई जाएगी। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार इस दिन सीता माँ का जन्म हुआ था।

महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती जन्म 12 फरवरी 1824 आर्य समाज के संस्थापक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती जी का जन्म 12 फरवरी 1824 ई को गुजरात राज्य के राजकोट शहर स्थित रियासत मोरवी