list of festival in January

गुरु गोविन्द सिंह सिख धर्म के दसवे और अंतिम गुरु थे। इनका जन्म 22 दिसंबर 1666 ई में बिहार राज्य के पटना शहर में हुआ था। गुरु गोविन्द सिंह जी का मूल नाम गोविन्द राय था। 

हिन्दू धर्म में दुर्गापूजा और दुर्गाष्टमी का बड़ा महत्व है। दुर्गापूजा आश्विन माह में मनाया जाता है जबकि मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी को होती है। इसे मासिक दुर्गाष्टमी या मास दुर्गाष्टमी कहते है।

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। साल में 24 एकादशी होती है और हर महीने में 2 एकादशी होती है। पौष माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी तथा शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहते है।

मिल पंचांग के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में मासिक कार्तिगाई मनाया जाता है। तदनुसार, 6 जनवरी 2020 को मासिक कार्तिगाई मनाया जाएगा।

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, पौष माह में शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी 8 जनवरी 2020 को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।

माँ देवी शाकम्भरी दुर्गा माँ के अवतारों में से एक है। धार्मिक मान्यताओ के अनुसार माँ शाकम्भरी मानव जगत के कल्याण हेतु पृथ्वी लोक पर आई थी। माँ शाकम्भरी की महिमा का वर्णन वेदो में इस तरह उल्लेखित है। 

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक मास में पूर्णिमा व्रत मनाई जाती है।  हिन्दू धर्म के शास्त्रानुसार पौष पूर्णिमा के दिन सूर्य देव को अघ्र्य देकर व नमक रहित व्रत करने से सुख, शांति और सम्पत्ति की प्राप्ति होती है

हिंदी द्रिक पंचांग के अनुसार वर्ष 2020 के पौष माह में चन्द्र ग्रहण का सयोंग बन रहा है। तदनुसार, 11 जनवरी 2020 को चन्द्र ग्रहण पड़ेगा। भौतिक विज्ञान के अनुसार जब पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच में सूर्य आ जाता है। 

कलकत्ता के एक कायस्थ परिवार में स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी 1863 ई में हुआ। इनके पिता का नाम विश्वनाथ दत्त था जोकि पेशे से एक वकील थे और माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था। 

धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है 

सिख धर्म का प्रमुख्य त्योहार लोहरी है, पंजाबी समुदाय के लोग लोहरी बड़े श्रद्धा और धूमधाम से मनाते है। हिन्दू और सिख धर्म के लोग नए साल की शुरुवात लोहरी मकर संक्रांति पर्व से ही करते है।

मकरसंक्रांति का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व के साथ साथ समाजिक उत्सव के रूप में बड़ा ही महत्व पूर्ण स्थान है। ज्योतिष शास्त्र में इस पर विस्तार से विचार किया गया है।सृष्टि के आरम्भ में परम पुरुष नारायण ने अपनी योगमाया से अपनी प्रकृति में प्रवेश कर सर्वप्रथम जल में अपना आधान किया।

मकर संक्रांति माघ माह में शुक्ल पक्ष की षष्टी को मनाया जाता है और इसी दिन पूर्व भारत के असम राज्य में बिहू पर्व मनाया जाता है जिसे माघ बिहू भी कहते है। 

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की अष्ठमी को कालाष्टमी मनाई जाती है। तदनुसार, 17 जनवरी 2020 को कालाष्टमी है। कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी या भैरवाष्टमी के रूप मनाया जाता है। 

हिंदू धर्म के वेदो, पुराणो और शास्त्रो के अनुसार एकादशी व्रत का अति महत्वपूर्ण अभिप्राय है तथा हिन्दू पंचांग के मतानुसार प्रत्येक वर्ष में 26 एकादशी पर्व पड़ता है जबकि मलमास या अधिमास में इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। 

वेदों, पुराणों एवं​​ शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, माघ माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 22 जनवरी 2020 को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।

23 जनवरी 2020 को मासिक शिवरात्रि है। हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि का भी विशेष महत्व है। जहाँ वर्ष में एक महाशिवरात्रि मनाया जाता है वही वर्ष के प्रत्येक महीने में एक मासिक शिवरात्रि मनाया जाता है।

23 जनवरी 1897 को नेताजी सुभास चन्द्र बॉस का जन्म ओडिशा के कटक शहर के एक सम्पन्न बंगाली परिवार में हुआ था। नेताजी बोस के पिता का नाम जानकीनाथ बोस और माँ का नाम प्रभावती था। जानकीनाथ बोस पेशे से वकील थे।

माघ अमावस्या को ही मौनी अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओ के अनुसार यह योग पर आधारित व्रत है और इस दिन पवित्र नदियों और संगमो में देवताओ का निवास होता है।

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष में गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है .तदानुसार इस वर्ष 25 जनवरी 2020 से गुप्त नवरात्रि प्रारम्भ होगी. ये नवरात्रि अन्य नवरात्रि की तरह नौ दिन मनाई जाती है .

भारत में प्रत्येक वर्ष के 26 जनवरी को भारतवासी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते है और यह भारतवासियो का एक राष्ट्रीय पर्व है। 26 जनवरी और 15 अगस्त दो ऐसे दिन है जब भारत के समस्त देशवासियो 

धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है।सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है जो पूर्णतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। 

श्री पंचमी या वसंत पंचमी बंगाल, बिहार तथा झारखण्ड का प्रमुख त्यौहार है इस दिन विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा की जाती है।