List Of Festivals In December

हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मास में दो प्रदोष व्रत मनाया जाता है। प्रथम कृष्ण पक्ष तथा द्वितीय शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है। इस वर्ष मार्गशीर्ष मास को प्रदोष व्रत 4 दिसबंर 2018 को मनाया जाएगा।

5 दिसंबर 2018 को मासिक शिवरात्रि है। हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि का भी विशेष महत्व है। जहाँ वर्ष में एक महाशिवरात्रि मनाया जाता है वही वर्ष के प्रत्येक महीने में एक मासिक शिवरात्रि मनाया जाता है।

हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है जो पूर्णतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है।

हिन्दू धर्म में दुर्गापूजा और दुर्गाष्टमी का बड़ा महत्व है। दुर्गापूजा आश्विन माह में मनाया जाता है जबकि मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी को होती है। इसे मासिक दुर्गाष्टमी या मास दुर्गाष्टमी कहते है। 

हिंदी पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी के उपरांत द्वादशी को मत्स्य द्वादशी के दिन भगवान श्री हरि विष्णु जी ने मत्स्य रूप धारण कर दैत्य हयग्रीव का वध कर वेदो की रक्षा की थी। 

वर्ष 2018 पौष माह का प्रथम प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी अर्थात 20 दिसंबर 2018 को है।कलयुग में प्रदोष व्रत का अतुल्य महत्व है, भगवान शिव जी के भक्त श्री सूत जी का कहना है 

तमिल पंचांग के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में मासिक कार्तिगाई मनाया जाता है। तदनुसार, दिसंबर माह में 20 दिसंबर 2018 को कार्तिगाई दीपम मनाया जाएगा। 

गुरु गोविन्द सिंह सिख धर्म के दसवे और अंतिम गुरु थे। इनका जन्म 22 दिसंबर 1666 ई में बिहार राज्य के पटना शहर में हुआ था। गुरु गोविन्द सिंह जी का मूल नाम गोविन्द राय था। 

गुरु गोविन्द सिंह सिख धर्म के दसवे और अंतिम गुरु थे। इनका जन्म 22 दिसंबर 1666 ई में बिहार राज्य के पटना शहर में हुआ था। गुरु गोविन्द सिंह जी का मूल नाम गोविन्द राय था। 

पुराणो के अनुसार भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश के पूर्ण रूप को दत्तात्रेय देव कहा जाता है। गुरु दत्तात्रेय के सम्बन्ध में ऐसा माना जाता है की दत्तात्रेय देव के तीन सर और छ भुजाएँ है। 

मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को समस्त हिन्दू धर्म के लोग माँ अन्नपूर्णा जयंती मनाते है। ऐसी मान्यता है तब माँ पार्वती जी अन्नपूर्णा देवी के रूप में अवतरित हो समस्त मानव जाति कीं रक्षा की था 

हिंदी पंचांग के अनुसार वर्ष 2018 की त्रिपुर भैरवी जयंती 22 दिसंबर 2018 मनाई जाएगी। सनातन धर्म में मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा के दिन मान्यता है कि इनकी उपासना से भक्त को सर्वसम्पदा सफलता मिलती है।

गीता उपदेश में भगवान श्री कृष्ण जी ने कहा, महीनो में मैं पवित्र महीना मार्गशीर्ष हूँ। अतः मार्गशीर्ष या अगहन माह अति पावन माह है। मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को मार्गशीर्ष पूर्णिमा मनाई जाती है।

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, साल में 24 एकादशी होती है और हर महीने में 2 एकादशी होती है। पौष माह  को सफला एकादशी तथा शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहते है।

धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है जो पूर्णतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। 

मंडल पूजा का दक्षिण भारत में विशेष महत्व है। मंडल पूजा के दिन भगवान अय्यप्पा की पूजा की जाती है। भगवन अय्यप्पा को हरिहर के नाम से भी जाना जाता है जिसका अर्थ है भगवान शिव जी एवम विष्णु जी का अंश। 

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की अष्ठमी को कालाष्टमी मनाई जाती है। तदनुसार, 29 दिसंबर 2018 को कालाष्टमी है। कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी या भैरवाष्टमी के रूप मनाया जाता है।