List Of Festivals In March

वेदो, पुराणो तथा शास्त्रो के अनुसार एकादशी व्रत का हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान है। शास्त्रो के अनुसार वर्ष में 24 एकादशी व्रत पड़ता है जबकि मलमास में 26 एकादशी व्रत पड़ता है।

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, फाल्गुन माह में शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी 3 मार्च 2019 को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। तदनुसार, 4 मार्च 2019 को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस तिथि को शिव जी लिंग रूप में प्रकट हुए थे।

फाल्गुन अमावस्या धार्मिक मान्यताओ के अनुसार योग पर आधारित व्रत है और इस दिन पवित्र नदियों और संगमो में देवताओ का निवास होता है। अतः इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती स्नान का अति विशेष महत्व है। 

भारत के महान संत एवम आधुनिक काल के महान विचारक रामकृष्ण परमहंस जी का जन्म फाल्गुन माह में 18 फरवरी 1838 ई को बंगाल राज्य के कामारपुकुर में हुआ था। इनके पिता का नाम खुदीराम तथा माता का नाम चंद्रमणि देवी था। 

धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है जो पूर्णतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। 

तमिल पंचांग के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में मासिक कार्तिगाई मनाया जाता है। तदनुसार, मार्च माह में शनिवार 12 मार्च 2019 को मासिक कार्तिगाई मनाया जाएगा। कार्तिगाई दीपम पर्व को दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में हिन्दू धर्म के लोग मनाते है।

हिन्दू धर्म में दुर्गापूजा और दुर्गाष्टमी का बड़ा महत्व है। दुर्गापूजा आश्विन माह में मनाया जाता है जबकि मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी को होती है। इसे मासिक दुर्गाष्टमी या मास दुर्गाष्टमी कहते है। तदनुसार, पौष माह में  14 मार्च 2019 को मासिक दुर्गाष्ठमी  

हिंदी पंचांग के अनुसार इस वर्ष का चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2019 को है। हिन्दू धर्म में अमावस्या तथा पूर्णिमा का विशेष महत्व है।हिन्दी धर्म के अनुसार एकादशी व्रत का अति महत्वपूर्ण स्थान है. प्रत्येक वर्ष में 24 एकादशी होती है 

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, फाल्गुन माह में शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी 18 मार्च 2019 को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। कलयुग में प्रदोष व्रत का अतुल्य महत्व है,

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन माह में शुक्ल पक्ष की द्वादशी को नृसिंह द्वादशी मनाई जाती है। तदानुसार, इस वर्ष 18 मार्च 2019  को नृसिंह मनाई जाएगी। भगवान विष्णु के बारह अवतार में से एक अवतार भगवान नरसिंह का है। 

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होली मनाई जाती है। तदानुसार, इस वर्ष सोमवार 21 मार्च 2019 को होली मनाई जाएगी। होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। एक ओर जंहा होली सामाजिक एवं धार्मिक त्यौहार है,

लक्ष्मी जयंती व्रत हिन्दू धर्म के अति महत्वपूर्ण व्रतो में से एक है। इस वर्ष गुरूवार 21 मार्च 2019 को लक्ष्मी जयंती मनाई जाएगी । इस दिन माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। भविष्य पुराण के अनुसार लक्ष्मी जयंती का व्रत करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फ़रवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। इनके पिता का नाम शाहजी भोंसले और माता का नाम जीजाबाई (राजमाता जिजाऊ) था। शिवाजी बचपन से ही वीर योद्धा थे। उनका प्रारम्भिक जीवन माता जिजाऊ के मार्गदर्शन में बीता।

धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है जो पूर्णतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है।

शीतला अष्टमी का पर्व भारत के प्रत्येक कोने में मनाया जाता है। कही माघ माह में शुक्ल पक्ष की षष्ठी को, कही बैशाख माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को तो कही चैत्र माह में कृष्ण पक्ष की सप्तमी अथवा अष्टमी को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। 

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की अष्ठमी को कालाष्टमी मनाई जाती है। तदनुसार, बुधवार 28 मार्च 2019 को कालाष्टमी है। कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी या भैरवाष्टमी के रूप मनाया जाता है। 

शीतला अष्टमी का पर्व भारत के प्रत्येक कोने में मनाया जाता है। कही माघ माह में शुक्ल पक्ष की षष्ठी को, कही बैशाख माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को तो कही चैत्र माह में कृष्ण पक्ष की सप्तमी अथवा अष्टमी को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है।

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार चैत्र माह की कृष्ण पक्ष एकादशी को पापमोचनी एकादशी मनाई जाती है। तदानुसार, 31 मार्च 2019 को पापमोचनी एकादशी मनाया जायेगा। पाप का अर्थ अधर्म तथा मोचनी का अर्थ मुक्ति पाना है