List Of Festivals In November

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी को लाभ पंचमी मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष 1 नवंबर 2019 के दिन लाभ पंचमी मनाई जाएगी। 

छठ महापर्व परमात्मा के प्रत्यक्ष पूजा का सर्व श्रेष्ठ उदाहरण है। छठ पूर्णतया प्रकृति रूपी परमेश्वर के द्धारा मानव को दिए गए विशेष वरदानों को पाने का पावन पर्व है। इस पवित्र व्रत के नियम बड़े ही कठिन हैं।

हिन्दू धर्म में दुर्गापूजा और दुर्गाष्टमी का बड़ा महत्व है। दुर्गापूजा आश्विन माह में मनाया जाता है जबकि मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी को होती है। इसे मासिक दुर्गाष्टमी या मास दुर्गाष्टमी कहते है।

अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी व्रत मनाई जाती है तदनुसार इस वर्ष 4 नवंबर 2019 को गोपाष्टमी व्रत मनाई जाएगी। इस दिन गौ माता की पूजा करने से अमोघ फल प्राप्त होता है। 

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी से लेकर नवमी तक जगद्धात्री पूजा मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष 5 नवंबर 2019 को मनाई जाएगी। माँ जगद्धात्री राजस एवं तामस का प्रतीक मानी जाती है।

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की नवमी को अक्षय नवमी मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष 5 नवंबर 2019 को अक्षय नवमी मनाई जाएगी। यह व्रत विशेषकर महिलाएं पुत्र प्राप्ति एवं पारिवारिक सुख, शांति के लिए करती है।

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी 9 नवंबर 2019 को है प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। 

सनातन धर्म में पूर्णिमा को शुभ, मंगल और फलदायी माना गया है। हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष में 16 पूर्णिमा होती है और इस 16 पूर्णिमा में वैसाख, माघ और कार्तिक पूर्णिमा को स्नान-दान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

गुरु नानक जी (पंजाबी: ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ) (15 अप्रैल 1469 – 22 सितंबर 1539)  सिख धर्म के प्रथम गुरु (आदि गुरु ) तथा सिख धर्म के संस्थापक  है। गुरु नानक जी जिन्हे लोग गुरु जी, बाबा नानक, गुरु नानक जी 

पंडित जवाहर लाल नेहरू जी का जन्म इलाहबाद में एक धनी वकील मोतीलाल नेहरू के घर पर 14 नवम्बर 1889 ई में हुआ था। इनकी माता का नाम स्वरूप रानी था। नेहरू जी की तीन बहनें थी। 

धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है जो पूर्णतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है।

शिवरूप भैरव जयंती या काल भैरव जयंती 19 नवंबर 2019 को मनाया जायेगा। वेद, पुराण, शास्त्र एवं ऋषि मुनि का कहना या मानना है की भगवान शिव जी ने मार्गशीर्ष कृष्ष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान भैरव जी का रूप धारण किया था.

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 24 नवंबर 2019 को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।

25 नवंबर 2019 को मासिक शिवरात्रि है। हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि का भी विशेष महत्व है। जहाँ वर्ष में एक महाशिवरात्रि मनाया जाता है वही वर्ष के प्रत्येक महीने में एक मासिक शिवरात्रि मनाया जाता है। 

धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है जो पूर्णतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है।