List Of Festivals In November

गुरुवार 5 नवंबर 2018 को मासिक शिवरात्रि है। हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि का भी विशेष महत्व है। जहाँ वर्ष में एक महाशिवरात्रि मनाया जाता है वही वर्ष के प्रत्येक महीने में एक मासिक शिवरात्रि मनाया जाता है। 

तमिल पंचांग के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में मासिक कार्तिगाई मनाया जाता है। तदनुसार, नवंबर माह में शनिवार 5 नवंबर 2016 को मासिक कार्तिगाई मनाया जाएगा।कार्तिगाई दीपम पर्व को दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में हिन्दू धर्म के लोग

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी बुधवार 5  नवंबर 2018 को है प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। 

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी या वैकुंठ चतुर्दशी मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष गुरुवार 6 नवंबर 2018 को नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी।

हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष के प्रथम दिन गोवर्धन पूजा मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष गुरूवार 8 नवंबर 2018 को गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी। गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन की जाती है। 

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भैया दूज मनाया जायेगा। जिसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। हिन्दू समाज में इस पर्व का अति विशेष महत्व है।

धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी को लाभ पंचमी मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष 12 नवंबर 2018 के दिन लाभ पंचमी मनाई जाएगी। 

पंडित जवाहर लाल नेहरू जी का जन्म इलाहबाद में एक धनी वकील मोतीलाल नेहरू के घर पर 14 नवम्बर 1889 ई में हुआ था। इनकी माता का नाम स्वरूप रानी था। नेहरू जी की तीन बहनें थी। नहेरु जी की प्रारम्भिक पढाई हैरो से हुई। जबकि ट्रिनिटी कॉलेज लंदन से उच्चतर शिक्षा प्राप्त की।

वेदो, पुराणो, एवं शास्त्रो के अनुसार एकादशी व्रत पुण्यकारी और फलदायी होता है। हिंदी पंचांग के अनुसार वर्ष में 24 एकादशी होता है। मलमास या अधिमास  वर्ष  में 26 एकादशी होता है।  मार्गशीर्ष माह की उत्पन्ना एकादशी  गुरुवार 14 नवंबर 2017 को मनाई जाएगी। 

अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी व्रत मनाई जाती है तदनुसार इस वर्ष शुक्रवार 16 नवंबर 2018 को गोपाष्टमी व्रत मनाई जाएगी। इस दिन गौ माता की पूजा करने से अमोघ फल प्राप्त होता है। गौ माता की सेवा और रक्षा करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है। 

हिन्दू धर्म में दुर्गापूजा और दुर्गाष्टमी का बड़ा महत्व है। दुर्गापूजा आश्विन माह में मनाया जाता है जबकि मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी को होती है। इसे मासिक दुर्गाष्टमी या मास दुर्गाष्टमी कहते है।

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की नवमी को अक्षय नवमी मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष शनिवार 17 नवंबर 2018 को अक्षय नवमी मनाई जाएगी। यह व्रत विशेषकर महिलाएं पुत्र प्राप्ति एवम पारिवारिक सुख, शांति के लिए करती है।

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी से लेकर नवमी तक जगद्धात्री पूजा मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष शनिवार 17 नवंबर 2018 को मनाई जाएगी। माँ जगद्धात्री राजस एवम तामस का प्रतीक मानी जाती है।

हिंदी पंचांग के अनुसार इस वर्ष का मार्गशीर्ष अमावस्या गुरुवार 18 नवंबर 2017 को है। हिन्दू धर्म में अमावस्या तथा पूर्णिमा का विशेष महत्व है। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार इस दिन स्नान, दान तथा अन्य धार्मिक कार्य किये जाते है।

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी बुधवार 20 नवंबर 2018 को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। 

सनातन धर्म में पूर्णिमा  को शुभ , मंगल और फलदायी माना गया है। हिन्दू पंचांग केअनुसार वर्ष में 16 पूर्णिमा होती है और इस 16 पूर्णिमा में  वैसाख, माघ और कार्तिक पूर्णिमा   को स्नान-दान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

हिंदी पंचांग के अनुसार 23 नवंबर 2017 को विवाह पंचमी है। पौराणिक हिन्दू धार्मिक ग्रंथो के अनुसार , अगहन या मार्गशीर्ष माह, शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भगवान श्री राम और माता जानकी का विवाह हुआ था। 

गुरु नानक जी (पंजाबी: ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ) (15 अप्रैल 1469 – 22 सितंबर 1539)  सिख धर्म के प्रथम गुरु (आदि गुरु ) तथा सिख धर्म के संस्थापक  है। गुरु नानक जी जिन्हे लोग गुरु जी, बाबा नानक , गुरु नानक जी , और नानकशाह के नामों से पुकारा करते हैं, प्रतिभा की प्रतिमूर्ति  थे।।

भविष्य पुराण के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि तदनुसार 24 नवंबर 2017 को भगवान शिव जी के ज्येष्ठ पुत्र और देव गण के सेनानायक कार्तिकेय जी ने दैत्यराज तारकासुर का वध किया था। 

धार्मिक धारणा है की हिन्दू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा से प्रत्येक शुभ कार्य आरम्भ किया जाता है। भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। सनातन धर्म में 24 दिन ऐसे होते है जो पूर्णतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है।

शिवरूप भैरव जयंती या काल भैरव जयंती शुक्रवार 10 नवंबर 2017 को मनाया जायेगा।  वेद, पुराण ,शास्त्र एवं ऋषि मुनि का कहना या मानना है की भगवान शिव जी ने मार्गशीर्ष कृष्ष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान भैरव जी का रूप धारण किया था,

पद्म पुराण के अनुसार मोक्षदा एकादशी के करने से पूर्वजो को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान श्री कृष्ण जी ने द्वापर युग में मोक्षदा एकादशी के दिन ही अर्जुन को भगवद् गीता का उपदेश दिया था। अतः इस तिथि को गीता जयंती भी कहा जाता है।

मोक्षदा अर्ताथ मोह का क्षय। पवित्र ग्रन्थ गीता समस्त मानव जाति को जीवन की एक नई दिशा प्रदान करती है। पवित्र ग्रन्थ गीता अर्थात सत्य का ज्ञान गीता ज्ञान का सागर है, भगवान श्री कृष्ण जी ने कहा है तीन तरह का गुण मानव जाति में व्याप्त है