17 मार्च 2018 को है चैत्र अमावस्या,जानिए कथा एवम इतिहास

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हिंदी पंचांग के अनुसार इस वर्ष का चैत्र अमावस्या मंगलवार 16 अप्रैल 2018 को है। हिन्दू धर्म में अमावस्या तथा पूर्णिमा का विशेष महत्व है। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार इस दिन स्नान, दान तथा अन्य धार्मिक कार्य किये जाते है। चैत्र अमावश्या के दिन अन्य अमावश्या की तरह पूर्वजो के पूजन का विधान है। 17 मार्च 2018 को है चैत्र अमावस्या,जानिए कथा एवम इतिहास chaitra amavsya history

धार्मिक धारणाये chaitra amavsya history

चैत्र अमावस्या कई धार्मिक कार्यो के लिए प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है की पितरो को मोक्ष प्राप्ति और सद्गति के लिए अमावश्या का व्रत करना चाहिए। इस व्रत को करने से ना केवल पितरो को मोक्ष एवम शांति मिलती है बल्कि व्रतधारी को अमोघ फल की प्राप्ति होती है। devotional chaitra amavsya story

चैत्र अमावस्या महत्व

चैत्र अमावस्या के दिन पवित्र नदियों जैसे गंगा, यमुना आदि नदियों में स्नान करके तिल को नदी में प्रवाहित करे। तत्पश्चात सूर्य देव को अर्घ्य दे एवम पितरो का तर्पण करे । इस दिन ब्राह्मणो एवम गरीब को यथा शक्ति दान दे। चैत्र अमावस्या व्रतधारी के लिए लाभकारी होता है। 17 मार्च 2018 को है चैत्र अमावस्या,जानिए कथा एवम इतिहास chaitra amavsya history

जानिए झूलेलाल जयंती की कथा एवम इतिहास

जो व्रती अमावश्या व्रत को विधि-विधान एवम शुद्ध मन से करता है उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। इस तरह चैत्र अमावस्या व्रत का पूजन विधि एवम महत्व की कथा सम्पन्न हुई। प्रेम से बोलिए भगवान शिव जी की जय । चैत्र अमावस्या का महत्व एवम इतिहास devotional chaitra amavsya history
( प्रवीण कुमार )

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