18 मार्च 2018 को मनाया जाएगा उगादी त्यौहार,जानिए कथा एवम इतिहास





devotional Ugadi vrat katha
उगादी त्यौहार नव वर्ष की ख़ुशी पे मनाया जाता है। यह त्यौहार डेक्कन राज्यों में बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है। यह माना जाता है की ब्रह्मा जिन्होंने इस श्रष्टि को रचा उन्होंने इसी दिन इस ब्रह्माण्ड को बनाना शुरू किया था। इस दिन को तेलुगु और कन्नड़ नव वर्ष की शुरुवात भी मानते है। यह त्यौहार भारत के कर्नाटक, महाराष्ट्र, आन्ध्र प्रदेश, और तेलन्गाना में प्रसिद्ध रूप से मनाया जाता है। devotional Ugadi vrat katha

चैत्र माह के प्रथम अर्ध चन्द्रमा के दिन उगादी के महोत्सव को बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन प्रतिवर्ष मार्च से अप्रैल महीने के बीच आता है। devotional Ugadi vrat katha

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इस त्यौहार के समय हर जगह त्योहारों का रंग नज़र आता है। पेड़ों में नए पत्ते लहराते हुए सुन्दर दीखते हैं और उगादी का त्यौहार मनाने वाले लोगों के मन में उमंग दीखता है। devotional Ugadi vrat katha

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आंध्र प्रदेश में उगादी का त्यौहार खासकर भगवान ब्रह्मा जी को समर्पित किया जाता है। हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार यह भी माना जाता है कि इस दिन भगवान् विष्णु जी ने मतस्य अवतार लिया था। devotional Ugadi vrat katha

यह आन्ध्र प्रदेश का एक बहुत ही मुख्य त्यौहार है। इस दिन लोग अपने घरों और आस पास की अच्छे से सफाई करते हैं और अपने घरों के प्रवेश द्वार में आम के पत्ते लगाते हैं। devotional Ugadi vrat katha







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