30 मार्च 2018 को है भैया दूज,जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास




ईसाई धर्म के अनुसार वर्ष 2018 का गुड फ्राइडे 30 मार्च को मनाया जायेगा। गुड फ्राइडे प्रत्येक वर्ष के मार्च या अप्रैल माह में मनाये जाते है। गुड फ्राइडे के दिन ईसाई धर्म के गॉड ईसा मसीह ने धरती पर बढ़ते पापो  के लिए अपना बलिदान दे दिया। प्रभु ईसा मसीह ने निः स्वार्थ प्रेम की पराकाष्ठा का उदहारण प्रस्तुत किया है। इस दिन प्रभु ईसा मसीह ने उत्पीड़न तथा सहते हुए मानव जगत के कलयाण हेतु अपने प्राण त्याग दिए। गुड फ्राइडे के दिन ईसाई धर्म के अनुयायी गिरजाघर में जाकर प्रभु ईसा को याद करते है। know devotional good friday history

क्या है गुड फ्राइडे

ईसाई धर्म के अनुसार फ्राइडे के दिन प्रभु ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था तथा प्रभु यीशु ने बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए अपने प्राण का त्याग किया था। प्रभु यीशु की याद में गुड फ्राइडे मनाया जाता है। गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कहा जाता है। know devotional good friday history

ईसा मसीह की हत्या

यीशु युवा हुए तो घूमघूम लगो को धर्म, कर्म, मानवता और शांति का संदेश लोगो के बीच बाँटने लगे। उन्होंने धर्म के नाम पर अन्धविश्वास फ़ैलाने वाले लोगो को मानव जाति का शत्रु बताया। इस कार्य के कारण धर्म पंडित सब परेशान हो गए और इसकी शिकायत राजा को सुनाया। धर्म पंडित ने इसको धर्म की अवमानना बताया। राजा ने प्रभु यीशु को मृत्यु दंड दिया। जबकि प्रभु मसीह लोगो को अन्याय,घोर विलासिता तथा अज्ञानता के अंधकार को दूर करने के लिए शिक्षा दे रहे थे। प्रबु मसीह को मृत्यु दंड देने से पहले कई तह की यातनाएँ दी गयी। उनके सर पर काँटों का ताज रखा गया। गोला  गोठा नमक जगह पर प्रभु यीशु को कुरूस पर चढ़ा दिया गया। यीशु ने शूली पर चढ़ाने वाले के बारे में बताया की ये अनजान है परन्तु कर्तव्य से बंधा है जिस कारण यह अपना कर्म को निर्वाहिर कर रहा है। इसे नही पता है की यह किया कर रहा है। हे परमेश्वर इसे माफ़ कर देना। अंत में पभु यीशु ने, ऊँची आवाज में परमेश्वर को पुकारते हुए कहा। हे परमेशवर मैं अपनी आत्मा को आपके हाथो में सौपता हूँ। इन शब्दों को बोलने के पश्चात प्रभु यीशु के प्राण पखेरू हो गए। know devotional good friday history    

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गुड फ्राइडे के दिन क्या किया जाता है

ईसाई  धर्म के अनुयायी  गुड फ्राइडे के दिन गिरिजाघर में जाकर अपने प्रभु को याद करते है तथा प्रभु यीशु द्वारा तीन घंटे तक लगातार सहे गए दर्द के लिए मौन व्रत करते है। इस दिन जगह-जगह प्रार्थना की जाती है। रात के समय लोग काल पोषक पहनकर प्रभु यीशु की छवि में पद यात्रा करते है। आज के दिन गिरिजाघर में घंटी नही बजाई जाती है बल्कि उसके स्थान पर लकड़ी की धवनि प्रकट की जाती है। लोग इस दिन प्रभु यीशु के प्रतीक क्रॉस का चुम्बन कर उनको याद करते है। धर्म की खातिर प्रभु यीशु ने बलिदान दे दिया था। प्रभु ईसा मसीह को सच्चे दिल से नमन करते हुए इस कथा को सम्पन्न करते है। प्रेम से बोलिए प्रभु यीशु हम सबका का कल्याण करो। आमीन। आमीन। आमीन know devotional good friday history

(प्रवीण कुमार)

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