17 अगस्त 2020 को है मासिक शिवरात्रि, जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास




17 अगस्त 2020 को मासिक शिवरात्रि है। हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि का भी विशेष महत्व है। जहाँ वर्ष में एक महाशिवरात्रि मनाया जाता है वही वर्ष के प्रत्येक महीने में एक मासिक शिवरात्रि मनाया जाता है। मासिक शिवरात्रि या महाशिवरात्रि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत करने से हर मुश्किल कार्य सुगम हो जाता है। masik shivratri katha

शिवरात्रि की कथा

धार्मिक ग्रंथो के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव जी लिंग रूप में प्रकट हुए थे, और सर्वप्रथम भगवान शिव जी के लिंग रूप को भगवान ब्रह्मा और विष्णु ने पूजा था। पौराणिक परम्परा के अनुसार लोग शिवरात्रि के दिन शिवलिंग की पूजा करते है। हिन्दू पुराणो की माने तो शिवरात्रि व्रत प्राचीन काल से ही मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है की देवी लक्ष्मीं, सरस्वती, गायत्री, सीता, पार्वती तथा रति ने भी शिवरात्रि का व्रत किया था।

धनतेरस की कथा एवं इतिहास

जो भक्त मासिक शिवरात्रि करना चाहते है वो मासिक शिवरात्रि का प्रारम्भ महाशिवरात्रि के दिन से कर सकते है। महिला व् परुष सभी इस व्रत को कर सकते है। भक्त को शिवरात्रि की रात में जग कर शिव जी की पूजा व् भजन करना चाहिए। मासिक शिवरात्रि के करने से जीवन में सुख और शांति प्राप्त होता है और भगवान शिव जी की कृपा से व्रत धारी के सारे बिगड़े काम बन जाते है।

मासिक शिवरात्रि का शुभ मुहर्त

धार्मिक पंडितो का मानना है की अगर शिवरात्रि मंगलवार को पड़े तो बहुत शुभ और मंगलकारी होता है। शिवरात्रि का शुभ समय मध्य रात्रि माना गया है। अतः भक्तो को शिव जी की पूजा मध्य रात्रि में करनी चाहिए और इस शुभ मुहर्त को ही निशिता काल कहा जाता है। इस तरह मासिक शिवरात्रि की महिमा और कथा सम्पन्न हुई । प्रेम से बोलिए भगवान शिव जी और माता पार्वती जी की जय। masik shivratri katha