जानिए नेमान की कथा एवं इतिहास

nemaan ki katha



वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार अगहन माह के शुक्ल पक्ष में नेवान्न अथवा नेमान का पर्व पूर्वी भारत में मनाया जाता है। तदनुसार इस वर्ष यह पर्व नवंबर महीने में मनाया जाएगा। यह पर्व खरीफ फसल की कटाई के उपलक्ष में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता अनुसार खरीफ और रबी फसल के नए पैदावार पर पर्व मनाने की परम्परा है। nemaan ki katha

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नेमान, लोहड़ी, मकर संक्रांति और वैशाखी आदि प्रमुख त्यौहार है। जो नए फसल की पैदावार पर मनाई जाती है। यह पर्व पूर्व बिहार के भागलपुर, बांका, मुंगेर आदि जिले में बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर बांका जिले स्थित बौंसी में मधुसूदन मंदिर में पूजा अर्चना और भोग लगाई जाती है। भोग नए अन्न से निर्मित होता है। nemaan ki katha 

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नेमान पर्व में लोग अपने खेत में उपजे धान फसल का चूड़ा बना कर पंचामृत घान लगा कर अपने क्षेत्र के मठ मंदिर में देवी-देवताओं को अर्पित करते है। इसके बाद प्रसाद ग्रहण कर घर के सभी सदस्य दही, चीनी और विभिन्न प्रकार के मिष्ठान्न का भोजन करते है। यह पर्व पुराने समय से मनाई जाती है। इस अवसर पर चाहे गरीब हो या अमीर सभी लोग एक साथ हर्षोल्लास के साथ यह पर्व मनाते है। nemaan ki katha



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