नवरात्री दुर्गा पूजा की सुरुआत Navratre, Durga puja first shailputri start 1 October 2016

12

मां शैलपुत्री, नवरात्रे में प्रथम पूजा अर्थात पहले दिन की पूजा मां चंद्रघंटा के रूप में किया जाता है।
माँ शैलपुत्री प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की पूजा से नवरात्री दुर्गा पूजा की सुरुआत की जाती है। माँ शैलपुत्री पर्वत राज हिमालय की पुत्री के रूप में जानी जाती है। शैलपुत्री जिनके सिर आधा चाँद माता सुशोभित है और उनका सवारी नंदी है ।

द्व्तीय मां ब्रह्मचारिणी, नवरात्रे में द्व्तीय को पूजा अर्थात दूसरे दिन की पूजा मां चंद्रघंटा के रूप में किया जाता है। देवी दुर्गा का दूसरा रूप ज्ञान की देवी ब्रह्मचारिणी के लिए नवरात्रे के दूसरे दिन की पूजा की जाती है। माँ ब्रह्मचारिणी के हाथ में पद्म (कमल फूल), रुद्राक्ष की माला, और कमंडल सुशोभित है और इन्हे ज्ञान की देवी मन गया है ।

मां चंद्रघंटा, तृतीय पूजा अर्थात तीसरे दिन की पूजा मां चंद्रघंटा के रूप में किया जाता है।
देवी दुर्गा का तीसरे रूप चन्द्रघण्टा, शांति और समृद्धि के लिए नवरात्रे के तीसरे दिन की पूजा माँ चंद्रघंटा को समर्पित की जाती है। चंद्रघंटा घंटी के आकार में हैं उसके माथे पर आधा चाँद है। वह दिव्य आकर्षक सुनहरा रंग की है और शेर की सवारी करती है । उनके दश हाथ, तीन आँखें हैं और उसके हाथो में सशत्र सुसज्जित है।

चतुर्थ मां कुष्मांडा, नवरात्रे में चतुर्थ पूजा अर्थात चौथे दिन की पूजा मां कुष्मांडा के रूप में किया जाता है।
देवी दुर्गा के चौथे रूप नवरात्रे के चौथे दिन मां कुष्मांडा को समर्पित होकर किया जाता है। मां कुष्मांडा को आठ हाथ है और उसके माथे पर सोने का मुकुट है। उनके हाथ में सशत्र की चमक और गले में माला सुशोभि है । माँ शेर की सवारी करती हैं ।

पंचम मां स्कंदमाता, नवरात्रे में पंचम पूजा अर्थात पांचवें दिन की पूजा मां स्कंदमाता के रूप में किया जाता है।
देवी दुर्गा के पांचवें रूप की पूजा नवरात्रे के पांचवें दिन की जाती है, जो स्कंदमाता को समर्पित मन गया है। स्कंदमाता नाम का अर्थ प्रभु स्कान्देय या कार्तिकेय की माँ है। स्कंदमाता का वर्णन उनके हाथ में कमल का फूल व सशत्र सुशोभित है । स्कंदमाता को रचनात्मकता और संचार की देवी के रूप में जाना जाता है।

षष्ठी मां कात्यायिनी, नवरात्रे में षष्ठी पूजा अर्थात छठे दिन की पूजा मां स्कंदमाता के रूप में किया जाता है।
देवी दुर्गा के छठे रूप नवरात्रे के छठे दिन की पूजा माँ कात्यायिनी देवी को समर्पित है यह नाम उसके भक्त कात्यायन से आया है। अपनी बेटी के रूप में पैदा करने के लिए वह देवी को चाहता था और उनपर प्रसन्न होकर माँ उनके घर देवी कात्यायनी के रूप में प्रकट हुयी और महिसासुर का बद्ध किया।

सप्तम मां कालरात्रि, नवरात्रे में सप्तम पूजा अर्थात सातवें दिन की पूजा मां कालरात्रि के रूप में किया जाता है।
देवी दुर्गा की सातवीं रूप नवरात्रे के सातवें दिन की पूजा कालरात्रि माता को समर्पित है । माता कालरात्रि चार भुजाओं वाली है। दो हाथ में सशत्र और दो हाथ आशीर्वाद की मुद्रा और अभय की मुद्रा में खडग, वज्र स्य्क्थे लिए हुवे विराजती हैं । माँ कालरात्रि की सवारी गधा है। माता हर संकट व खतरे से अपने भक्तों की रक्षा करती है।

अष्टमी मां महागौरी, नवरात्रे में अष्टमी पूजा अर्थात आठवें दिन की पूजा मां महागौरी के रूप में किया जाता है।
देवी दुर्गा की आठवीं रूप नवरात्रे के आठवें दिन की पूजा जो महागौरी को समर्पित है। माता महागौरी सफेद वस्त्र धारण करती है हाथ में त्रिशूल और डमरू रखती है। वे एक सफेद बैल की सवारी करती हैं । उसके मंत्र श्वेते वृषे समरुधः श्वेताम्बर-धारा शुचि है ! महागौरी शुभम दद्यान्महदेव -प्रमोददा !!

नवम मां सिद्धिदात्री, नवरात्रे में नवम पूजा अर्थात नौवें दिन की पूजा मां सिद्धिदात्री के रूप में किया जाता है।
देवी दुर्गा की नौवीं रूप नवरात्रे के नौवें दिन की पूजा की जो माँ सिद्धिदात्री को समर्पित है। माँ सिद्धिदात्री कार्यों को सीधी देने के लिए जनि जाती हैं और ये सभी रूपों के सम्मिलित रूप को दर्शाती है।

इस तरह हे श्रद्धालुओं नवरात्री में इन नौ देविओं की पूजा सिद्धि से सारे कार्य पूर्ण हो जाते हैं प्रेम से बिलिये जय माता दी।

आईये इस वर्ष 2016 में दुर्गा पूजा नवरात्रे के शुभ समय टाइम क्या है  किस डेट तारीख को कौनसा पूजा पड़ेगा जाने।

नवरात्रि पहले शुरू 1 अक्टूबर 2016 – मां ब्रह्मचारिणी

नवरात्रि के दूसरे 1 अक्टूबर 2016 – मां शैलपुत्री

नवरात्रि तीसरा 1 अक्टूबर 2016 – शिद्धिदायत्री

नवरात्रि चौथा, 1 अक्टूबर 2016 – मां महन गोरी

नवरात्रि पांचवां, 1 अक्टूबर, 2016 – मां कालरात्रि

नवरात्रि छठी, 1 अक्टूबर 2016 – मां कात्यायनी

नवरात्रि के सातवें, 29 अक्टूबर, 2016- मां स्कंद माता

नवरात्रि आठ, 20 अक्टूबर, 2015 – मां कुष्मांडा

नवरात्रि नौवीं, 20 अक्टूबर, 2016 – मां चंद्रघंटा

Nav Durga puja first shailputri start 1 October 201 

Maa Shailaputri First puja pray

The first form of Durga Shailaputri is known as the daughter of Parvat Raj Himalaya who is worshipped by the devotees on the first day of the navratrei in the Nine nights of Navratre, Shailputri rides Nandi and whose head is adorned by half moon Mata Shailaputri is known for Shakti.

Second Maa Brahamcharini

The second form of Goddess Durga is Maa Brahamcharini who is worshipped on the second day of Navratre for knowledge. In her hands the Padma (lotus flower), Rudraksh beads, and kamandalu. It is
the phase when Maa parvati was not married and she was Devi Yogini and Devi Tapasvini.

Third Maa Chandraghanta’

The third form of Goddess Durga is ‘Chandraghanta’, who is worshipped on the third day of for peace and prosperity.  She has a half moon on her forehead in the shape of bell. She is charming, has a golden bright complexion and rides a lion. She has ten hands, three eyes and holds weapons in her hands.

Fourth Maa Kushmanda

The fourth form of goddess Durga is Maa Kushmanda who is worshipped on the fourth day of Navratre. The meaning of the name is ‘the creator of the universe’. Maa Kushmanda has eight hands and there is the golden crown on her forehead. She had weapons, glitter and rosary on her hand. She rides a lion.

Fifth Maa Skandmata

The fifth form of goddess Durga is Skandmata who is worshipped on the fifth day of Navratre. The meaning of the name is the mother of lord Skandey or Kartikey. She does not have any weapon on her hand she holds two lotus flower on her upper hands. She is known for creativity and communications.

Sixth Maa Katyayini

The Sixth form of Goddess Durga is Katyayini who is worshipped on the sixth day of Navratre. The name of Goddess came from her devotee Katyayan. He wanted goddess to born as his daughter. Goddess was born as Katyayni and killed Mahisasur.

Seventh Maa Kalratri

The Seventh form of Goddess Durga is Kalratri who is worshipped on the seventh day of Navratre. Mata Kalratri has four hands. Two hands hold Khadag, Vajra Sycthe like weapon and two hands Mudra of blessing and Mudra of Abhaya. She sits astride a donkey. She is known for protecting her devotees from every crisis or danger.

Eighth Maa Mahagauri

The Eighth form of Goddess Durga is Mahagauri who is worshipped on the eighth day of Navratre. Mata Mahagauri wears White Clothes and holds Trishul and Damru. She rides a white bull. Her mantra is Shwete Vrashe Samarudhah Shwetambar-dhara Shuchi ! Mahagauri Shubham Dadhyanmahdev-pramodada !!

Nineth Maa Sidhidhatri

The Ninth form of Goddess Durga is Sidhidhatri who is worshipped on the ninth day of Navratre. Her mantra is SiddhGandarv-Yaksha-dyair-Surai-ramrairapi ! Sevyamaana sada bhuyaat siddhida siddhi-daayini !!  She is known for giving Var, Sidhi. She is the form of all remaining Durgas.

 

Navratri first start 1, Oct, 2016 – Maa Brhamcharini

Navratri second  2, Oct, 2016 – Maa Shelputri

Navratri Third 3, Oct, 2016 – Shidhidaytri

Navratri Fourth, 4, Oct. 2016 – Maa mahan gori

Navratri Fifth, 5, Oct, 2016 – Maa Kalratri

Navratri Sixth, 6, Oct 2016 – Maa Katyayni

Navratri Seventh 7, Oct, 2016– Maa Skand Mata

Navratri Eight, 8, Oct, 2016 – Maa Kushmanda

Navratri Ninth, 9, Oct, 2016 – Maa Chandraghanta

On Tenth day 10 oct, 2016 – Dashara and Vijaya Dashami”

नवरात्री दुर्गा पूजा की सुरुआत Navratre, Durga puja first shailputri start 1 October 2016

You may also like...

Leave a Reply