Tagged: janm boomi

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वट सावित्री पूजा वर पूजा की कथा एवं इतिहास

वट सावित्री पूजा का शुभ योग बनता है। वैसे अमावस्या और पूर्णिमा चंद्र कैलेंडर में त्योहारों से अधिकांश एक ही दिन पर हो जाता हैं। पूर्णिमा कैलेंडर को मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, मध्य...

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विठोबा का इतिहासिक महत्व history-of-vithoba-importance

विठोबा, विट्ठल, और पांडुरंग, तीन नामों से पुकारे जाने वाले भगवान विट्ठल महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के भारतीय राज्यों में मुख्य रूप से पूजे जाते हैं, भगवान विट्ठल, को आम तौर...

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माँ कामयख्या देवी मंदिर का इतिहास history-of-maa-kamaykya devi temple

51 शक्तिपीठों में प्रमुख स्थान रखने वाली माँ कामयख्या देवी का मंदिर बेहद खूबसूरत और अपनी एक अलग संस्कृति को लिए हुए भारत वर्ष के पर्वोत्तर में स्थित है। इस मंदिर की महत्वता की...

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महाशिवरात्रि का इतिहास history-and-satory-of-mahasivaratri

महाशिवरात्रि पर्व की कथा क्या है इस सम्बन्ध में धर्म ग्रन्थ एवं इतिहास क्या कहता है इसका क्या महत्व है इसे मानाने का क्या विधि है और कैसे मनाया जाता है आज हम आपको...

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बद्रीनाथ मंदिर का इतिहास history-of-badrinatha-mandir

बदरीनाथ मंदिर , जो बदरी नारायण मंदिर नाम से भी जाना जाता है , वह अलकनंदा नदी के किनारे उत्तराखंड राज्य में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के रूप बदरीनाथ को समर्पित है।...

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छठ पूजा की कथा एवं महत्व

छठ महापर्व परमात्मा के प्रत्यक्ष पूजा का सर्व श्रेष्ठ उदाहरण है। छठ पूर्णतया प्रकृति रूपी परमेश्वर के द्धारा मानव को दिए गए विशेष वरदानों को पाने का पावन पर्व है। इस पवित्र ब्रत के...

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सीता जन्मभूमि स्थान पुनोडा सीतामढी का इतिहास history-of-sita-mata-janmabhumi-sthana-punoda-sitamadhi

सीतामढी जो कभी सीता मड़ई और सीता मई या मयी कहलाती थी। कहा जाता है की जगत जननी माता जानकी का जन्म या प्रकाट्य इसी स्थान में हुआ था। प्राचीन काल में यह मिथिला...

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लव कुश वाल्मीकि आश्रम का इतिहास history-of-lave-kusha-valmiki-asrama

बाल्मीकि नगर जो वर्तमान में बिहार प्रान्त के अंतर्गत राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को छूती एकदूसरे से गले मिलते बिहार, नेपाल और उत्तर प्रदेश केबीच बाल्मीकि नगर का यह स्थान महर्षिबाल्मीकि स्थान के नाम से...

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अंजनी महादेव का इतिहास history-of-anjani-mahadev

हिमाचल की उत्तंग शिखरों पर ,मनाली की मनोरम वादियों ,अभिनव अमरनाथ यानी अंजनी महादेव की अद्भुत छवि विराजमान है। समुद्र तल से ६००० फिट की ऊंचाई पर अवस्थित एक अनुज अमरनाथ ही है। यहाँ...

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केदारनाथ चार धाम का इतिहास history-kedarnath-chardham-yatra

केदारनाथ की कथा प्राचीन काल से चली आ रही है। हिमालय शिव को सदा ही प्रिय रहा है। जिस प्रकार से केदार की घाटी अपनी मनोरम छटा बिखेरती है ठीक उसी प्रकार से यह...

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चार धाम यात्रा का इतिहास history-of-char-dhama-yatra

1. उत्तराखंड के चार धाम – उत्तराखंड के चार प्रमुख धामों में सबसे पहली यात्रा जो सूचि में आती है वह हैं यमुनोत्री ,दूसरी हैं गंगोत्री ,तीसरे हैं केदारनाथ और चौथे बद्रीनाथ। हिमालय की...

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14 जनवरी 2018 को है मकरसंक्रांति,जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास

मकरसंक्रांति का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व के साथ साथ समाजिक उत्सव के रूप में बड़ा ही महत्व पूर्ण स्थान है। ज्योतिष शास्त्र में इस पर विस्तार से विचार किया गया है। सृष्टि के आरम्भ...