Tagged: yatra

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13 नवंबर 2018 को है छठ पूजा जानिए व्रत की कथा एवं महत्व

छठ महापर्व परमात्मा के प्रत्यक्ष पूजा का सर्व श्रेष्ठ उदाहरण है। छठ पूर्णतया प्रकृति रूपी परमेश्वर के द्धारा मानव को दिए गए विशेष वरदानों को पाने का पावन पर्व है। इस पवित्र ब्रत के...

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वट सावित्री पूजा वर पूजा की कथा एवं इतिहास

वट सावित्री पूजा का शुभ योग बनता है। वैसे अमावस्या और पूर्णिमा चंद्र कैलेंडर में त्योहारों से अधिकांश एक ही दिन पर हो जाता हैं। पूर्णिमा कैलेंडर को मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, मध्य...

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विठोबा का इतिहासिक महत्व history-of-vithoba-importance

विठोबा, विट्ठल, और पांडुरंग, तीन नामों से पुकारे जाने वाले भगवान विट्ठल महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के भारतीय राज्यों में मुख्य रूप से पूजे जाते हैं, भगवान विट्ठल, को आम तौर...

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माँ कामयख्या देवी मंदिर का इतिहास history-of-maa-kamaykya devi temple

51 शक्तिपीठों में प्रमुख स्थान रखने वाली माँ कामयख्या देवी का मंदिर बेहद खूबसूरत और अपनी एक अलग संस्कृति को लिए हुए भारत वर्ष के पर्वोत्तर में स्थित है। इस मंदिर की महत्वता की...

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महाशिवरात्रि का इतिहास history-and-satory-of-mahasivaratri

महाशिवरात्रि पर्व की कथा क्या है इस सम्बन्ध में धर्म ग्रन्थ एवं इतिहास क्या कहता है इसका क्या महत्व है इसे मानाने का क्या विधि है और कैसे मनाया जाता है आज हम आपको...

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जानिये यमुनोत्री का इतिहास history-of-yamunotri

यमुनोत्री मंदिर गढ़वाल हिमालय के पश्चिम में समुद्र तल से 3235 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। हिंदू भगवान यम के साथ हिंदू देवी यमुना की एक मूर्ति मंदिर में विराजमान है। यम को...

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बद्रीनाथ मंदिर का इतिहास history-of-badrinatha-mandir

बदरीनाथ मंदिर , जो बदरी नारायण मंदिर नाम से भी जाना जाता है , वह अलकनंदा नदी के किनारे उत्तराखंड राज्य में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के रूप बदरीनाथ को समर्पित है।...

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13 अक्टूबर 2018 को है छठ पूजा जानिए व्रत की कथा एवं महत्व

छठ महापर्व परमात्मा के प्रत्यक्ष पूजा का सर्व श्रेष्ठ उदाहरण है। छठ पूर्णतया प्रकृति रूपी परमेश्वर के द्धारा मानव को दिए गए विशेष वरदानों को पाने का पावन पर्व है। इस पवित्र ब्रत के...

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सीता जन्मभूमि स्थान पुनोडा सीतामढी का इतिहास history-of-sita-mata-janmabhumi-sthana-punoda-sitamadhi

सीतामढी जो कभी सीता मड़ई और सीता मई या मयी कहलाती थी। कहा जाता है की जगत जननी माता जानकी का जन्म या प्रकाट्य इसी स्थान में हुआ था। प्राचीन काल में यह मिथिला...

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पापहरणी लक्ष्मी नारायण मंदिर का इतिहास history-of-papaharani-laksmi-narayaṇa-mandira

पापहरणी लक्ष्मी नारायण मंदिर, बिहार प्रान्त के बांका जिला अंतर्गत बौंसी नगर में स्थित है जो प्रसिद्ध मंदार पर्वत की तराई में अस्थित है। पर्वत के तराई में स्थित यह पावन पवित्र तालाब अपने...

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मधु सूदन मंदिर बौंसी का इतिहास history-of-madhu-sudana-mandira-baunsi

बांका जिला अंतर्गत मन्दार गिरी के मध्य भाग में मनोरम प्राकृतिक वातावरण में बसा मधु सूदन मंदिर आदि काल से श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना हुआ है। मार्कण्डेय पुराण , दुर्गा सप्तसती के...

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लव कुश वाल्मीकि आश्रम का इतिहास history-of-lave-kusha-valmiki-asrama

बाल्मीकि नगर जो वर्तमान में बिहार प्रान्त के अंतर्गत राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को छूती एकदूसरे से गले मिलते बिहार, नेपाल और उत्तर प्रदेश केबीच बाल्मीकि नगर का यह स्थान महर्षिबाल्मीकि स्थान के नाम से...

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अंजनी महादेव का इतिहास history-of-anjani-mahadev

हिमाचल की उत्तंग शिखरों पर ,मनाली की मनोरम वादियों ,अभिनव अमरनाथ यानी अंजनी महादेव की अद्भुत छवि विराजमान है। समुद्र तल से ६००० फिट की ऊंचाई पर अवस्थित एक अनुज अमरनाथ ही है। यहाँ...

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पाण्डवला मंदिर गुडगाँव का इतिहास history-of-pandvala-temple-gurgaon

हरियाणा प्रान्त दिल्ली एन.सी.आर में पड़ने वाला गुडगाँव कभी गुरु ग्राम के नाम से जाना जाता था। द्वापर काल मे कुरु वंश के गुरु द्रोणाचर्य यही रहकर पांडवों और कौरवों को शिक्षा देने का...

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केदारनाथ चार धाम का इतिहास history-kedarnath-chardham-yatra

केदारनाथ की कथा प्राचीन काल से चली आ रही है। हिमालय शिव को सदा ही प्रिय रहा है। जिस प्रकार से केदार की घाटी अपनी मनोरम छटा बिखेरती है ठीक उसी प्रकार से यह...

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जानिये गंगोत्री का इतिहास history-of-gangotri-yatra

जैसा की नाम से ही प्रतित होता है जहाँ पर गंगा उतरी उस स्थान का नाम है गंगोत्री। ग्लेसियर से गंगा गौमुख में प्रकट होती है। उत्तराखंड के उत्तर काशी जिला में हिमालय की...

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चार धाम यात्रा का इतिहास history-of-char-dhama-yatra

1. उत्तराखंड के चार धाम – उत्तराखंड के चार प्रमुख धामों में सबसे पहली यात्रा जो सूचि में आती है वह हैं यमुनोत्री ,दूसरी हैं गंगोत्री ,तीसरे हैं केदारनाथ और चौथे बद्रीनाथ। हिमालय की...

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नागेश्वर महादेव का इतिहास

नागेश्वर महादेव के प्रांगण में बने इस कुण्ड के बारे में यहाँ जनश्रुतियों में एक कथा प्रचलित है की एक बार रेणुका देवी अपने पति के सेवा हेतु जल लेने के लिए भागीरथी के...

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विठोबा का इतिहासिक महत्व

विठोबा, विट्ठल, और पांडुरंग, तीन नामों से पुकारे जाने वाले भगवान विट्ठल महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के भारतीय राज्यों में मुख्य रूप से पूजे जाते हैं, भगवान विट्ठल, को आम तौर...

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15 जनवरी 2019 को है मकरसंक्रांति,जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास

मकरसंक्रांति का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व के साथ साथ समाजिक उत्सव के रूप में बड़ा ही महत्व पूर्ण स्थान है। ज्योतिष शास्त्र में इस पर विस्तार से विचार किया गया है। सृष्टि के आरम्भ...