3 जुलाई 2019 से होगी आषाढ़ नवरात्रि पूजा की सुरुआत,जानिए कथा एवम इतिहास




chaitra navratri durga puja 2019

मां शैलपुत्री, चैत्र नवरात्रे में प्रथम पूजा अर्थात पहले दिन की पूजा मां चंद्रघंटा के रूप में किया जाता है।
माँ शैलपुत्री प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की पूजा से नवरात्री दुर्गा पूजा की सुरुआत की जाती है। माँ शैलपुत्री पर्वत राज हिमालय की पुत्री के रूप में जानी जाती है। शैलपुत्री जिनके सिर आधा चाँद माता सुशोभित है और उनका सवारी नंदी है ।

माँ शेर की सवारी करती हैं ।

द्व्तीय मां ब्रह्मचारिणी, चैत्र नवरात्रे में द्व्तीय को पूजा अर्थात दूसरे दिन की पूजा मां चंद्रघंटा के रूप में किया जाता है। देवी दुर्गा का दूसरा रूप ज्ञान की देवी ब्रह्मचारिणी के लिए नवरात्रे के दूसरे दिन की पूजा की जाती है। माँ ब्रह्मचारिणी के हाथ में पद्म (कमल फूल), रुद्राक्ष की माला, और कमंडल सुशोभित है और इन्हे ज्ञान की देवी मन गया है ।

मां चंद्रघंटा, तृतीय पूजा अर्थात तीसरे दिन की पूजा मां चंद्रघंटा के रूप में किया जाता है।
देवी दुर्गा का तीसरे रूप चन्द्रघण्टा, शांति और समृद्धि के लिए नवरात्रे के तीसरे दिन की पूजा माँ चंद्रघंटा को समर्पित की जाती है। चंद्रघंटा घंटी के आकार में हैं उसके माथे पर आधा चाँद है। वह दिव्य आकर्षक सुनहरा रंग की है और शेर की सवारी

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