अंजनी महादेव का इतिहास history-of-anjani-mahadev

हिमाचल की उत्तंग शिखरों पर ,मनाली की मनोरम वादियों ,अभिनव अमरनाथ यानी अंजनी महादेव की अद्भुत छवि विराजमान है। समुद्र तल से ६००० फिट की ऊंचाई पर अवस्थित एक अनुज अमरनाथ ही है। यहाँ केशरी पत्नी एवं हनुमान की माता अंजनी ने देवाधिदेव महादेव की तपस्या की थी।

अंजनी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान भोले नाथ ने वरदान में उसे हनुमान दिया,वही हनुमान जो चारो युग में अमर हैं। इस अंजनी महादेव के आशीर्वाद अजर अमर हनुमान, राम भक्त हनुमान, जो की कृष्णावतार में अर्जुन को मदद किये और आज भी भक्तों के बुलाने पर आ जाते हैं उनको उत्तपन्न किया।यह झरना ७२०० फिट की ऊंचाई से गिरता है।

वैसे इसे गुप्त गंगा भी कहते हैं। देखने से यह बिलकुल ऐसा लगता है जैसे शिव की जटा से ही गंगा निकल रही है। पहले तो हिमाचल और इसके आस पास के ही कुछ लोग आते थे लेकिन अब गर्मियों में यहां हजारों की संख्या में लोग आते हैं। बाबा प्रकाश पूरी जी महराज ने इन्हे अभिनव अमरनाथ की संज्ञा दी है। अब यहां की देख रेख अंजनी महादेव श्राइन बोर्ड के द्वारा किया जाता है जो की बाबा प्रकाश पूरी जी ने शुरू की थी। अंजनी महादेव का इतिहास history-of-anjani-mahadev

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